इतिहास

चम्पावत का किला, राजबुंगा, चम्पावत गढ़ी

चम्पावत का किला राजबुंगा, चम्पावत गढ़ी, राजबुड्डा अर्थात राजा की गढ़ी भी कहा जाता है. अंडाकार आकार के किले की…

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कत्यूरी राजा त्रिलोकपाल के बेटे राजकुमार अभयपाल ने बसाया था अस्कोट

अस्कोट उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मण्डल के पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील का एक परगना है. पिथौरागढ़ से अस्कोट की दूरी…

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रवीन्द्रनाथ टैगोर उत्तराखण्ड के रामगढ़ में बनाना चाहते थे शांतिनिकेतन

महान कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, गायक, गीतकार, संगीतकार, चित्रकार, प्रकृतिप्रेमी, पर्यावरणविद और मानवतावादी रवीन्द्रनाथ टैगोर पहले एशियाई व्यक्ति थे जिन्हें साहित्य…

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डीडीहाट में सीराकोट का किला

सीराकोट का किला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट में है. सीराकोट का किला 800 मीटर ऊंची…

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कुमाऊं के चन्दवंशी राजा रुद्रचन्द के दरबार में आया करते थे बीरबल

कुमाऊँ के मध्यकालीन शासकों में चंद्रवंशी राजा रुद्रचन्द ख़ास महत्त्व रखते हैं. रुद्रचन्द स्वयं विद्वान थे और विद्वानों का आदर…

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अस्कोट में आज भी मौजूद है पाल शासकों का महल

उत्तराखण्ड के शासकों में से ही रहे हैं पाल शासक. पाल वंश उत्तराखण्ड की कत्यूरी वंश परंपरा की ही एक…

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बाणासुर के खून के कारण ही लोहाघाट की मिट्टी लाल है

ऋग्वेद के शम्बर प्रसंग के अनुसार बाणासुर हिमालय में रहने वाले एक असुर थे. वायुपुराण में शतश्रृंग पर्व पर असुरों…

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रामगंगा और सरयू के बीच बसा गंगोलीहाट

समुद्रतल से लगभग 1,760 किमी की ऊंचाई पर स्थित गंगोलीहाट का नाम तो सभी ने सुना होगा. रामगंगा और सरयू…

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व्यापारिक, धार्मिक और सामरिक महत्व का शहर टनकपुर

उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल की मंडी है टनकपुर, चम्पावत और पिथौरागढ़ का प्रवेशद्वार. शारदा नदी के तट पर बसा टनकपुर…

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