संस्कृति

लिखा हुआ पत्ता : कुमाऊनी लोककथा

एक था गरीब ब्राह्मण. उसकी एक पत्नी थी – ब्राह्मणी. ब्राह्मणी घूम-घूम कर भीख माँगा करती थी. इसी तरह वे…

5 years ago

सोरघाटी और गुमदेश में आज है ‘चैतोल’

चैतोल कुमाऊँ मंडल में चैत्र नवरात्र में मनाया जाने वाला त्यौहार है. मुख्यतः पिथौरागढ़ की सोर घाटी, चम्पावत के गुमदेश…

5 years ago

लोककथा ‘सूरज के रथ का दाहिना घोड़ा’

एक था राजा, एक थी रानी. उनके पास सिपाही, घोड़े, दास-दासियाँ, धन दौलत सबकुछ था, सिर्फ उन्हें संतान नहीं थी.…

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‘बेड़ू पाको बारामासा’ लोकगीत पर एक विमर्श

लोक के क्षितिज से उपजा और अन्तर्राष्ट्रीय फलक तक अपनी धमक पहुंचाने वाला कुमाऊॅ के सुपर-डूपर लोकगीत ‘बेड़ू पाको बारामासा’…

5 years ago

‘जैता’ एक बहु जिसकी जान देवता भी न बचा सके: कुमाऊनी लोककथा

उमस्यारी गांव की जैता नाम कि एक लड़की भेलस्यूं नाम के गांव में ब्याही गयी. जैता का पति बिलकुल खड़बुद्धि…

5 years ago

समुद्र तल से 6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित ‘मां भगवती कोकिला मंदिर’ की तस्वीरें

समुद्र तल से छः हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद है कनार गांव. कनार गांव जिसे की छिपलाकेदार का प्रवेश…

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लोककथा : बूढ़े का सोने की अशरफियों भरा बक्सा

गांव के उपजाऊ खेतों, फलदार बगीचों से इतना हो जाता था कि उसे संपन्न कहा जा सकता था. सुखी वैवाहिक…

5 years ago

ईजा के आंचल के घेरे से निकले काफल और हिसालू से स्वादिष्ट क्या होगा

पहाड़ में जिन घरों में बड़े बुजुर्ग न हुये उनके लिये भी आफत ही हुई. पति कमाने के लिये रहने…

5 years ago

सफ़ेद सांप जिसने एक सेवक की जिन्दगी बदल दी- लोककथा

बहुत पुरानी बात है. एक राजा था, जो अपनी बुद्धि और ज्ञान के लिए अपने ही राज्य में नहीं, बल्कि…

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लोक कथा : सोने की बत्तख

एक गांव में रहने वाले निर्धन दंपत्ति के तीन बेटे थे. बड़ा बेटा माँ का प्यारा था तो मंझला पिता…

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