कॉलम

उत्तराखंड पुलिस का जेल टूरिज्म- 500 रुपये में एक रात जेल

उत्तराखंड की हल्द्वानी जेल पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. चर्चा में आने कारण कोई आपराधिक घटना…

3 years ago

गायब हो गए हैं उत्तराखण्ड से बच्चों के परम्परागत बाल परिधान

वेशभूषा से किसी भी इलाके के स्थानीय निवासियों की पहचान होती है. ये वेशभूषाएं पारंपरिक तौर पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहनी जाती…

3 years ago

पहाड़ी मूली नहीं है मामूली

‘किस खेत की मूली’ (कमजोर या अधिकारविहीन, ‘मूली-गाजर समझना’ (कमजोर) और ‘खाली मूली में’ (व्यर्थ में) जैसी लोकोक्तियां अथवा वाक्यांश…

3 years ago

‘चिड़ी की दुक्की’ अजब है यह कहानी

नाम तो उनका अब्दुल हई था मगर दिलवालियाँ उन्हें प्यार से 'हाय' कहा करती थीं. वो थे भी सर से…

3 years ago

मनखी कम होते गये, मंदिर में घंटियाँ बढ़ती गयी: देवभूमि डेवलपर्स

स्कूल में कॉलेज के लड़कों और महिलाओं के जुलूस के जत्थे आने की धुंधली तस्वीरें याद हैं. दूर से आती…

3 years ago

नेगीदा की वसंत नायिका

काव्य कला का सौष्ठव उसके सब कुछ कह देने में नहीं, बल्कि, अनकहे अंश में है. जैसे अपने पति का…

3 years ago

औरत पहाड़ का नाम है

आंचलिक भाषा मेंमांगलिक गीत गाते हुएवे रोपती हैंज़िदगी की जड़ें पानी में रंग-बिरंगी पोशाकेंमाटी में सने हाथजैसेपिघले सोने में सने…

3 years ago

आज शमशेर सिंह बिष्ट की पुण्यतिथि है

यह जनवरी 1974, का वाकिया है जब प्रसिद्ध गांधीवादी सर्वोदय कार्यकर्ता श्री सुंदरलाल बहुगुणा उत्तराखंड में अपनी 127 दिवसीय 1500…

3 years ago

भारतीय इतिहास लेखन में क्षेत्रीय इतिहास की भूमिकाः उत्तराखण्ड के संदर्भ में

भारत के प्रथम ऐतिहासिक ग्रंथ राजतरंगिणी के रचियता कल्हण ने ठीक ही कहा है—  श्लाध्यः स एव गुणवान् रागद्वेष बहिष्कृता भूतार्थकथने…

3 years ago

जीवन का सत्य है अज्ञेय की कहानी ‘दुःख और तितलियाँ’

शेखर उस पहाड़ी से उतरता हुआ चला जा रहा था. उसके क़दम अपनी अभ्यस्त साधारण गति से पड़ रहे थे,…

3 years ago