कॉलम

पुट्टन चाचा और पाउट्स वाली चाची

पहली बार पहाड़ जाकर पुट्टन चाचा वापस आए तो सबसे पहले अपनी फेसबुक प्रोफाइल में खुद के बारे में लिखा-…

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चादर ट्रेक लद्दाख क्षेत्र : एक फोटो निबंध

चादर ट्रेक लद्दाख क्षेत्र के जमी हुई ज़ंस्कार नदी के ऊपर सर्दियों में की जाने वाली एक दुर्गम ट्रेकिंग है.…

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प्योर मैथमैटिक्स का रोमांस

अट्ठारह साल के एक नौजवान ने अपने पिता को लिखे पत्र में बड़े उत्साह से अपने रिसर्च टॉपिक के बारे…

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साझा कलम : 11 प्रीति सिंह परिहार

[एक ज़रूरी पहल के तौर पर हम अपने पाठकों से काफल ट्री के लिए उनका गद्य लेखन भी आमंत्रित कर…

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‘सब हो जायेगा’ वाले भाई साहब

'चिंता मत करो, सब हो जायेगा !' की तसल्ली देने वाले भाई लोगों की तादाद इन दिनों एकाएक काफी बढ़…

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बहुत कम समय भी रहता है देर तक

मन का गद्य -शिवप्रसाद जोशी एक हल्की सी ख़ुशी की आहट थी. लेकिन जल्द ही ये आवाज़ गुम हो गई.…

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जैसे कोई कीमती चीज सदा के लिए मिट्टी में मिल गई हो

इक नग़मा है पहलू में बजता हुआ - शंभू राणा करीब पांचेक साल बीत गए सतीश को गुजरे हुए. वह…

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ओह कसारदेवी : एक फोटो निबंध

सभी फोटो जयमित्र सिंह बिष्ट के हैं.

7 years ago

आदमी उस तहखाने के नाम से डरता था

भय के कोने भय से निजी कुछ नहीं. कुछ पल हर आदमी के जीवन में लौट लौट कर आते हैं…

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आँखों में काला मोतियाबिन्द ठहर गया लेकिन शहर से हवाई जहाज नहीं उड़ा

पिथौरागढ़ नैनीसैनी गाँव की एक आमा है जो एक ज़माने में गांव के लड़कों की काखि ( चाची ) हुआ…

7 years ago