कॉलम

गुस्सा करना कौन चाहता है, मगर…

भाई साहब हर रोज सुबह-सुबह तय करते हैं कि चाहे कैसे भी हालात हों, वे आज गुस्सा नहीं करेंगे. नेताओं…

7 years ago

लिखता हूँ ख़त खून से स्याही न समझना

ख़तो-किताबत -शंभू राणा क़ासिद के आते-आते ख़त एक और लिख रखूं, मैं जानता हूँ, जो वो लिखेंगे जवाब में ख़तो-किताबत…

7 years ago

कहानियाँ कहाँ से आती हैं

अफ्रीकी लोक-कथाएँ: 3 (एक पारम्परिक ज़ुलू लोककथा) बहुत, बहुत साल पहले की बात है. यह इतनी पुरानी बात है जब…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 3

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

7 years ago

नैनी – सैनी से आधुनिकतम सुविधाओं से लेस कंडेक्टर के साथ उड़ेगा नौ सीट वाला बड़ा विमान

एक समय था जब पिथौरागढ़ के लड़के जमीन से हैलीकाप्टर को इस उम्मीद से हाथ हिलाया करते थे कि एक…

7 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 5

पिछली कड़ी साहित्य की प्रयोगशाला नैनीताल मेरे लिए साहित्य की प्रयोगशाला भी रहा जहां मैंने साहित्य की बारहखड़ी लिखी और…

7 years ago

दो त्वचाओं वाली औरत

अफ्रीकी लोक-कथाएँ : 2 कालाबार का राजा एयाम्बा बहुत ताकतवर था. उसने अपने पड़ोस के सभी देशों को हराकर उन…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 2

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

7 years ago

इस बार सिरे से गायब है अल्मोड़ा फेस्टिवल में फोटो प्रदर्शनी

आज से तकरीबन 20 साल पहले 1998 से अल्मोड़ा में शरदोत्सव होता आया है और अल्मोड़ा शहर के तमाम कलाकार…

7 years ago

खिड़की में खड़ी सपनों की रानी

दुनिया या प्रेम में खुलती खिड़की -संजय व्यास डाकिया आज भी उसे कायदे से नहीं जान पाया था भले ही…

7 years ago