https://www.youtube.com/embed/pU4wsqxMyE0 जब तलक बैठुल कुनैछी, बट्यावौ- बट्यावौ है गेपराण लै छुटण निदी, उठाऔ- उठाऔ है गे(Sherda Anpadh Poem) जो दिन…
मुनस्यारी कस्बे से 35 किमी की दूरी पर खड़ी चढ़ाई पार करने के बाद बौन गांव आता है. साल 1989…
अपने देश और अपने गांव की मिट्टी की सुगंध दिलो दिमाग में राज करती है. उसे हज़ारों मील दूर सात…
टिहरी रियासत के कारकुनों ने 11 जनवरी 1948 को कीर्तिनगर गढ़वाल में नागेंद्र सकलानी और मोलू भरदारी की हत्या कर…
मानसखण्ड में वर्तमान कुमाऊँ के विभिन्न स्थानों का वर्णन एवं महत्व प्रतिपादित किया गया है. मानसखण्ड के 21वें खण्ड में…
यति या मिच कांगामी (भयंकर हिममानव) सदियों से मनुष्य के लिए एक कौतुहल का विषय रहा है. अनेक देशों में…
सालों पहले मध्य हिमालय के जंगल में एक आदमी अपनी 15 बकरियों के साथ जा रहा था. जंगल में बकरियों…
ओशो कहते हैं कि ‘संतान कितनी ही बड़ी क्यों न हो जाए, अपने माता-पिता से बड़ी कभी नहीं हो सकती.’…
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनेक लोगों ने योगदान दिया. बड़े नेताओं के अलावा ऐसे हज़ारों नाम हैं जो आज भी…
शर्मा जी दिल से भगवान को याद कर रहे थे. दिल से मतलब सीधे दिल से. और अचानक भगवान प्रगट…