ललित मोहन रयाल

जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मकाम, वो फिर नहीं आते

जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मकाम, वो फिर नहीं आते... इस गीत को सुनकर संवेदी श्रोता अनायास…

7 years ago

एस. डी. बर्मन के कड़े इम्तहान में कैसे पास हुआ नीरज का रंगीला रे

1955-56 की एक काव्य संध्या में देव साहब ने नीरज को सुना. उनकी कविता उन्हें इतनी भायी कि उन्होंने नीरज…

7 years ago

एक हिन्दी भाषी अफसर की दक्षिण भारत यात्रा के बहाने वास्कोडिगामा और अगस्त्य मुनि के किस्से

तटस्थता और पारदर्शिता, किसी भी व्यवस्था के सबसे लोकप्रिय सिद्धांत माने जाते है, जिसके चलते अक्सर चुनाव जैसे खास आयोजनों…

7 years ago

जब दीप जले आना, जब शाम ढले आना

जब दीप जले आना जब शाम ढले आना संदेश मिलन का भूल न जाना मेरा प्यार न बिसराना जब दीप…

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जिंदगी और बता तेरा इरादा क्या है

एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले मैंने मंजिल को तलाशा मुझे बाजार मिले जिंदगी और बता तेरा…

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बैठी हूँ कब हो सवेरा रुला के गया सपना मेरा

रुला के गया सपना मेरा बैठी हूँ कब हो सवेरा वही है गमे दिल वही है चंदा तारे वही हम…

7 years ago

ये कौन आया…

छह-सात दशक पहले, हिंदी सिनेमा में रोमानी उत्थान के गीतों की जो धारा बहनी शुरू हुई, लंबे अरसे तक उनका…

7 years ago

रूना लैला: क्वीन ऑफ़ बांग्ला पॉप

क्वीन ऑफ़ बांग्ला पॉप के नाम से मशहूर रूना लैला, बॉलीवुड में एक ताजा हवा के झोंके सी आईं. उनका…

7 years ago

एक लोक भाषा कवि

लोकभाषा में उनका उपनाम 'चाखलू' था, तो देवनागरी में 'पखेरू'. दोनों नाम समानार्थी बताए जाते थे. भयंकर लिक्खाड़ थे. सिंगल…

7 years ago

फिल्मी सितारों से कम फेमस नहीं होते थे उस ज़माने के न्यूज़रीडर

दूरदर्शन के ध्वनि-संकेत के साथ, सबका अपना-अपना काम-धाम छोड़कर टेलीविजन सेट के आगे बैठ जाना. मोहल्ले का मोहल्ला यानी समूचा…

7 years ago