'जानलेवा' उनका तखल्लुस था, ओरिजिनल नाम में जाने की, कभी किसी ने जरूरत ही नहीं समझी. संपादक को जब उन्होंने…
ट्रांजिस्टर लटकाए हुए रिमोट खोजने की जद्दोजहद. अबोध सवाल. जिज्ञासा भरे सवाल. अजीबोगरीब हरकतें. जवाब देने वालों का उससे पूछना,…
'बोल गोरी बोल, तेरा कौन पिया...' गीत, फिल्म मिलन (1967) का एक पॉपुलर गीत है, जो सुनील दत्त और जमुना…
पार्श्वगायक मुकेश ने हिंदी सिनेमा को एक-से-एक नायाब नगमे दिए. उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड तो कई मिले (चार बार), लेकिन राष्ट्रीय…
3 ईडियट्स (Three Idiots) निर्देशक: राजू हिरानी (Raju Hirani) गंभीर मुद्दों को हल्के-फुल्के अंदाज में कहने और सेल्यूलाइड स्क्रीन पर…
चाहे गंभीर बातों को मनोरंजक तरीके से कहना हो या फिर गाढ़ी शब्दावली अथवा गंभीर विचारों को मनमाफिक तरीके से…
कुछ दिन पहले हमारे एक मित्र ने बताया, कि आज उन्होंने एक अजीब वाकया देखा; एक रिक्शे के नीचे कुत्ता…
चिकित्सा-जगत में ये बात बड़ी शिद्दत से महसूस की जाती है कि, नब्ज देखने की परिपाटी अब लगभग विलुप्त सी…
फिल्म दिल्लगी(1978) में सट्ल ह्यूमर (Subtle humour) की श्रेष्ठ बानगी देखने को मिलती है. फिल्मकार ने, मानव- स्वभाव के सूक्ष्म…
किंवदंतियों के मामले में पड़ोसन (1968) शायद शोले के बाद दूसरे नंबर पर पड़ती होगी. हिंदी सिनेमा के इतिहास में…