और, बाबा हो, गर्मियों के सीजन में शहरों से आने वाली वह भारी भीड़! हम लोग उन दिनों माल रोड…
अपनी बात मैं अपने उन पुरखों से शुरू करना चाहता हूं, जो आदि मानव कहलाते थे, जंगलों और गुफाओं में…
आज से ठीक पैंसठ वर्ष पहले 1956 में उन्होंने पहली बार, पहले दैनिक अखबार ‘पर्वतीय’ का प्रकाशन शुरू करके पर्यटन…
भला कौन जानता था कि सरोवर नगरी नैनीताल की मालरोड पर एक दिन चिनारों की संगत में बुरांश के दो…
दूर पहाड़ों में बसे मेरे गांव में भी आ गया होगा वसंत. शायद इसीलिए कई दिनों से मेरा मन बेचैन…
आकाश के रंगमंच पर आज 21 दिसंबर 2020 को सूर्यास्त के बाद सौरमंडल के विशालतम ग्रह बृहस्पति और शनि ग्रह…
कल पत्थरों के महान पारखी और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के पद्मभूषण से सम्मानित भूगर्भ विज्ञानी डा. खड्ग सिंह वल्दिया साढ़े त्रिरासी…
कोरोना काल के इसी सन्नाटे में उस दिन दो फाख्ते भी मिलने चले आए. जब भी फाख्तो को देखता हूं,…
उसका जन्म एक झोपड़ी में हुआ. माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे. रोज सुबह उठते और तैयार होकर काम की तलाश में…
इन दिनों मैनाएं भी मिलने आ रही हैं. यों, वे बालकनी में साल भर पानी पीने के लिए आती ही…