बहुत भागकर वह किसी तरह समय पर बस पकड़ पाया था. (Intezaar Story by Yugal Joshi) सेमेस्टर के इग्ज़ैम के बाद…
जीवन यूं ही गुजर रहा था तुम्हारे बिना, तुम्हारी दूसरी बार छुट्टी आने की आस में. चिट्ठी का इंतजार रहता…
"मुक़र्रर (मुकद्दमे) की तारीख़ पड़ी थी पंद्रह, सोलह को यहाँ रेंजर सैप आने वाले थे. कचहरी में ही शाम हो…
जिनकी स्मृति में बिजली के लट्टुओं से जगमग पहाड़ की ही छवि है वो पहाड़ में लालटेन के बिम्ब का…
बाहर से छन कर आती हुई धूप में एकाएक वह प्रकट हुई. बाएँ हाथ से घुटने को सहारा देते हुये…
इस तरह आने वाली पीढ़ी विरासत को संभालते हुए सम्मान देती है, आगे बढ़ाने में अपना योगदान देती है. शेरदा…
पुस्तक समीक्षा यह पुस्तक प्रोजेक्ट म्यूस के अन्तर्गत सन् 2017 में यूनिवर्सिटी औफ ईलिनौय प्रेस द्वारा छापी गयी है जिसके…
राधिका की जब आंख खुली कमरे में अनेस-मनेस हो रखी थी. अभी कुछ देर पहले ही तो आंख लगी थी…
एक गांव में एक बहुत बूढ़ा अपने छोटे लड़के, बहू और अपनी औरत के साथ रहता था. उसके दो लड़के…
उत्तराखण्ड में रंगमंच के विकास की गरज से साल 1976 में ‘युगमंच’ की स्थापना की गयी. चार दशक के अपने…