समाज

जब हल्द्वानी में पहली बार आई बिजली

1949-50 से पहले हल्द्वानी में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के लिये अधिकतर जगहों पर कैरोसिन तेल के लैम्प जलाये जाते थे.…

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आषाढ़ की काली धूप संग पहाड़ों में रोपाई

पहाड़ के लोगों और आषाढ़ की काली धूप का हमेशा से गहरा नाता रहा है. आषाढ़ की इसी काली धूप…

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लाखामंडल का भवानी पर्वत जहाँ पार्वती ने तपस्या की थी

लाखामंडल उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के देहरादून जिले की ग्राम सभा है. यह क्षेत्र जौनसार बावर के रूप में भी…

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डोका : पहाड़ी महिलाओं के श्रम का साथी

शहरों में हम अपना लैपटॉप बैग पीठ में लगाकर सुबह ही ऑफिस को निकलते हैं तो पहाड़ों में महिलायें पीठ…

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अपने कंधों पर पहाड़ ढोती महिलाएं: कमल जोशी की तस्वीरें

उत्तराखंड के सबसे प्रतिभावान फोटोग्राफर में एक नाम कमल जोशी है. कमल जोशी ने जीवन भर कुमाऊं गढ़वाल के पहाड़ों…

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रोपणी के खेत से जीतू को हर ले गयी आंछरियां

इन दिनों पहाड़ के गांवों के खेतों में रोपाई अर्थात रोपणी की जा रही है. अषाढ़ के महीने की छः…

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शकुनि व फड़का नदी के संगम पर बना कपिलेश्वर महादेव मंदिर

दोपहर का समय होगा जब अचानक ही मेरा प्लान कपिलेश्वर महादेव के मंदिर जाने का बन गया और मैं निकल…

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बैगा हुड़किया द्वारा कही गयी काला भंडारी की कहानी

पहाड़ की कहानियां जो पिछली सदी में बैगा हुड़किया ने सुनाई थी पादरी ई एस ओकले और तारा दत्त गैरोला…

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सेम मुखेम गांव के पहाड़ों की आवाज

टिहरी गढ़वाल प्रतापनगर तहसील के सेम मुखेम गांव की कहानी जो पलायन के चलते आधे से ज्यादा खाली हो गया…

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फिर आयेगा धुन्नी

मुंशी प्रेमचंद की क्लासिक कहानी 'ईदगाह' की शुरुआत, अगर मुझे ठीक से याद है, तो कुछ इस तरह से है-…

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