समाज

क्या फिर कभी मिल सकेगा उत्तराखंड को आर. एस. टोलिया जैसा अफसर

सामाजिक सरोकारों के अग्रणी, सफल प्रशासक, योग्य अध्येता, कुशल अन्वेषक, विद्वत इतिहासकार डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया आज हमारे बीच नहीं…

7 years ago

हल्द्वानी और उत्तराखंड की राजनीति के कुछ पुराने पन्ने

राजनीति के क्षेत्र में हल्द्वानी क्षेत्र की एक ऐसी महिला का जिक्र करना आवश्यक हो जाता है जो एक साधारण…

7 years ago

दुनिया भर में धूम मचा रही है देश की पहली पहाड़ी गुड़िया जुन्याली

पिछले कुछ दिनों में सोशियल मीडिया में गुड़िया की कुछ तस्वीरों की फोटो वायरल हो रही हैं. उत्तराखंड की पारंपरिक…

7 years ago

घुघुती, प्योली व काफल पर्वतीय लोकजीवन के कितने करीब

ब्रह्मकमल और मोनाल को भले राज्य पक्षी एवं राज्य पुष्प का सम्मानजनक ओहदा मिल चुका हो, लेकिन लोकजीवन व लोकसाहित्य…

7 years ago

उत्तराखण्ड में दलित आन्दोलन के नायक खुशीराम शिल्पकार और भूमित्र आर्य

एक थे चरणजीत शर्मा. मूल रूप से वे हरियाणा के रहने वाले थे लेकिन एक अर्से से वे यहीं के…

7 years ago

वह विकास यात्रा जिसके बाद ‘एन. डी. तेरे चारों ओर लीसा, लकड़ी, बजरी चोर’ नारा प्रचलित हुआ

सन् 60-70 के दशक में साम्यवादी विचारधारा के नाम पर बहुत से पाजी लोगों का जमघट मैंने यहां देखा. वे…

7 years ago

अल्मोड़ा में स्कूली दिनों की यादें

उम्र साढ़े तीन साल, कद करीब 3 या 4 फुट. पता नहीं कैसी दिखती थी मैं. बस यह जरूर याद…

7 years ago

मदमहेश्वर मेले का रंगारंग आगाज़

पंच केदारों में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की डोली के ऊखीमठ आगमन पर लगने वाले तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेले का…

7 years ago

पिनालू: गुणकारी पहाड़ी सब्जी

अरबी की सब्जी का अरब से क्या ताल्लुक है यह तो नहीं पता लेकिन अरबी को उत्तराखण्ड में पिनालू और…

7 years ago

हाल बेहाल है गोविन्द बल्लभ पन्त की जन्मस्थली का

अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से करीब 27 किमी की दूरी पर एक गांव है खूंट. भारत के इतिहास में इस गांव…

7 years ago