अपने गीतों व गायन के माध्यम से लोगों में जनचेतना का संचार करने वाले और उत्तराखण्ड आन्दोलन के दौरान, लस्का…
1949 से 1950 तक तथा 1952 से 1958 तक गढ़वाल (वर्तमान पौड़ी,चमोली व रुद्रप्रयाग का संयुक्त नाम) के डिस्ट्रिक्ट बोर्ड…
विश्व में जब भी सर्वश्रेष्ठ महिला गेंदबाजों की बात की जायेगी तो एकता बिष्ट का नाम हमेशा याद किया जाएगा.…
सोर घाटी में जूनून की हद तक खेलों की दीवानगी रही है. छोटे बड़े मैदानों में सुबह शाम जमा होते…
कलर्स चैनल के धारावाहिक बालिका वधू के कालजयी किरदार सांची से हर घर में पहचानी जाने वाली अल्मोड़ा की रूप दुर्गापाल टेलीविजन के…
दादि, दादि, दादि मि छूं पवन पहाड़ी... ठेठ पहाड़ी लटेक में कही गयी ये वो पंक्ति है जो शायद ही…
जैसे कल की ही बात हो. गोपेश्वर के भूगोल के बिम्बों से प्रेमिका का नख-शिख वर्णन करता एक लम्बी दाढ़ी…
सुनने में बेशक बड़े आकर्षक व लुभावने लगते हैं उसूल. लेकिन जब अमल में लाने की बात होती है, तो…
गिर्दा के बारे में उचित ही कहा जाता है कि वो कविता करता नहीं जीता था. और जब कविता सुनाता…
गिर्दा में अजीब सा फक्कड़पन था. वह हमेशा वर्तमान में रहते थे, भूत उनके मन मस्तिक में रहता था और…