कॉलम

दीपा नौटियाल से टिंचरी माई तक का सफ़र : पुण्यतिथि विशेष

सन् चौहत्तर के आस-पास की बात है. कोटद्वार में कर्मभूमि के संपादक स्व० भैरवदत्त धूलिया के घर में टिंचरी माई…

6 years ago

बाघिन को मारने वाले खकरमुन नाम के बकरे की कुमाऊनी लोककथा

बड़ी पुरानी बात है, जाड़ों के दिन थे. पहाड़ पार जंगल में चरने गयी बकरियों में एक गर्भवती बकरी जंगल…

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पहाड़ में रोपणी की अनमोल यादें

एक मित्र ने हाल ही में वाट्सएप पर दो खूबसूरत पंक्तियां भेजी थी - (Memoir by Shurveer Rawat) ‘न प्यार-मोहब्बत…

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बिजलि भूमि : जनपक्षीय आंदोलनों को आवाज़ देने वाला नरेन्द्र सिंह नेगी का जनगीत

केदारनाथ आपदा को सात साल हो गए हैं पर घाव अब भी बने हैं. अनियोजित विकास भी इसके प्रमुख कारणों…

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पहाड़ में घसियारिनों की पसंदीदा गायिका नईमा खान उप्रेती : पुण्यतिथि विशेष

नईमा खान उप्रेती एक क्रांति का नाम था. एक तरफ उत्तराखंड के लोक गीतों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर…

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दस रुपये में भविष्य दर्शन

"आइये, आइये, भविष्य में चलिये, दस रुपये में भविष्य दर्शन, दस रुपये, दस रुपये!" कुछ लोग ज़ोर-ज़ोर से आवाज लगा…

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उतीस के पेड़ का रहस्य और नीम करौली महाराज

आज 15 जून है, यदि सामान्य स्थिति होती और पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से नहीं जूझ रहा होता तो…

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इस लम्हे से पहले जो हुआ सब भूल जा

यह बात ज्यादातर लोगों को बहुत नागवर लगेगी और बहुत क्रूर भी लेकिन हर पल बिना किसी दुख का, एक…

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लाइव के मौसम में एक जरूरी कथा

[अमित श्रीवास्तव की यह ताज़ा कहानी सच की अनेक परतों के बीच डूबती-उतराती रहती है. यह आधुनिक समय की अनेक…

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कुमाऊनी झोई का स्वाद लाजवाब है

झोई अथवा झोली यानि कि कढ़ी हमारे कुमाऊं के भोजन में विभिन्न प्रकार से बनती है. कम से कम एक…

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