कला साहित्य

नैनीताल ने मुझे मेरी डायरी के सबसे यादगार किस्से दिए

आज जब एक साल बाद नैनीताल आई, तो लगा जो भी यहाँ से लेकर गई हूँ, सारी अच्छी-बुरी यादें, खट्टे-मीठे…

2 years ago

कहानी : साहब बहुत साहसी थे

आज शेविंग करते  हुए ना जाने ध्यान  बंट गया या  फिर वही जल्दबाजी  हुई कि गाल में एक बड़ा सा…

2 years ago

कहानी : मोक्ष

दूर कहीं जंगल में घसियारियों के गीत समवेत स्वर में गुंजायमान हो रहे हैं. उधर डाल पर दरांतियों से जैसे…

2 years ago

एक थी सुरेखा

सालों बाद आज  मैसेंजर पर मेरी नरेन से बात हुई. नरेन सुरेखा का छोटा भाई है. अभी कुछ दिनों पहले…

2 years ago

चाय की टपरी

दरअसल ये बात है उस शाम की; जब बेचैन मन को शांत करने की कोशिश में मैं वादियों में टहलने…

2 years ago

इस्मत चुग़ताई की कहानी : तो मर जाओ

“मैं उसके बिना जिन्दा नहीं रह सकती!” उन्होंने फैसला किया. (Toh Mar Jao) “तो मर जाओ!” जी चाहा कह दूँ.…

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कहानी: रेल की रात

-इलाचंद्र जोशी गाड़ी आने के समय से बहुत पहले ही महेंद्र स्टेशन पर जा पहुंचा था. गाड़ी के पहुंचने का…

2 years ago

लड़ने के लिए चाहिए, थोड़ी सी सनक, थोड़ा सा पगलापन

सितम्बर 2023 को राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित युवा कवि विहाग वैभव की कविताओं का बहुचर्चित संकलन ‘‘मोर्चे पर विदा गीत’’…

2 years ago

परी कथा : सोई हुई राजकुमारी और अजनबी राजकुमार

एक राज्य में बहुत ही दयालु राजा अपनी रानी के साथ ख़ुशी-ख़ुशी रहता था. उसका राज्य भी ख़ुशहाल था, लेकिन…

2 years ago

लोक कथा : स्नो व्हाइट और सात बौने

यह बेहद पुरानी बात है, एक राज्य की रानी सर्दियों के समय खिड़की के पास बैठकर कुछ सिल रही थी.…

2 years ago