नवम्बर की गुलाबी धूप और माल्टा

3 years ago

देश और दुनिया के लोगों के दिमाग में माल्टा शब्द सुनकर यूरोपीय देश का ध्यान आता है. पर एक असल…

ज्ञानरंजन की कहानी ‘अनुभव’

3 years ago

1970 की गर्मियों का प्रारंभ था. गंगा के मैदान में गर्मियों के बारे में सभी जानते हैं. यहाँ पर मौसम…

पिथौरागढ़ में फुटबाल का स्वर्णिम इतिहास

3 years ago

पिथौरागढ़ में वर्ष भर फुटबॉल खेली जाती थी. लेकिन दूर्नामेंट का आयोजन देवसिंह मैदान में ही होता और खेल का…

जो परदेश रहता है उसी की इज़्ज़त होती है

3 years ago

पहाड़ से मैदान की ओर जाने पर लगता है जैसे सीढ़ी से उतरते हुए चौक में आ रहे हों. कोटद्वार…

जुगल किशोर पेटशाली की पुस्तकों का विमोचन

3 years ago

दून पुस्तकालय एवम् शोध केंद्र की ओर से लोक संस्कृतिविद् जुगल किशोर पेटशाली की कुमाऊं की लोकगाथाओं पर आधारित पुस्तक…

कुमाऊनी लोक साहित्य में संस्कार गीत

3 years ago

आप काफल ट्री की आर्थिक मदद कर सकते हैं           संस्कार गीत संस्कार सम्बन्धी लोक गीत…

जीवन और जीविका की सुनहरी राह बनाते विनीता-अरविंद

3 years ago

कोरोना महामारी ने समाज के बहुसंख्यक लोगों की जीवन-दिशा को बदला है. जीवन में अचानक आये इस संकट ने लोगों…

उत्तराखंड में खेती

3 years ago

खेती के इतिहास का सभ्यता के विकास के साथ अटूट सम्बन्ध है. इसी के आधार पर मनुष्य अपने समाज की…

बेहद ख़ास है कुमाऊनी रायता

3 years ago

रैत यानी कि रायता. कुमाऊं में इसका ख़ास महत्व है. जिस तरह मैदानों में पनीर की किसी सब्जी या दाल…

कुमाऊनी भाषा में एक लोकप्रिय लोककथा

3 years ago

भौत पैलिये बात छु. एक गौं में एक बुड़ और एक बुड़ी रौंछी. उ द्वियनै में हइ-निहई कजी लागिये रोनेर…