30 मई 1930 : उत्तराखण्ड के इतिहास का रक्तरंजित अध्याय

3 years ago

रंवाई के उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट नगरपालिका के अन्तर्गत यमुना नदी के तट पर बसा हुआ एक स्थान है तिलाड़ी जो…

मुल्क कुमाऊँ को ढुंगो ढुंगो होलो

3 years ago

लोकरत्न गुमानी पन्त के बाद जिस कुमाऊनी कवि का नाम आता है वह हैं कृष्ण पांडे. अल्मोड़ा जिले के पाटिया…

सबकी नजरें उत्तराखंड के आकाश मधवाल पर

3 years ago

पिछले दो दिनों से सोशियल मीडिया में एक नाम ट्रेंड कर रहा है – आकाश मधवाल. आईपीएल में मुम्बई इंडियंस…

भारत के अलावा और कहाँ मिलता है ‘काफल’

3 years ago

इन दिनों पहाड़ को जाने वाली सड़कों के किनारे काफल की टोकरी लिये पहाड़ी खूब दिख रहे हैं. लोक में…

नैनीताल की पहली यात्रा में एक स्थानीय के सिर पर पत्थर रख गये अंग्रेज

3 years ago

आज के समय नैनीताल किसी परिचय का मोहताज नहीं. पर एक समय ऐसा भी था जब लोग नैनीताल की स्थिति…

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : लम्बी सी डगर न खले

3 years ago

पिछली कड़ी - छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : जिंदगी धूप तुम घना साया पिथौरागढ़ के सीमांत से हो रहे इस व्यापार और…

उत्तराखंड में वनाग्नि की समस्या पर एक जमीनी रपट

3 years ago

ऐतिहासिक दृष्टि से मानव सभ्यता के विकास में आग का महत्वपूर्ण योगदान है. पुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार अफ्रीका में पैलियोलिथिक काल…

बकरी और भेड़िये

3 years ago

अल सुभह गांव के चौराहे वाले चबूतरे पर ननकू नाई उकड़ूं बैठकर अपने औजारों की सन्दूकची खोजने ही जा रहा…

1 मई और रुद्रप्रयाग का बाघ

3 years ago

यह लेख वरिष्ठ पत्रकार व संस्कृतिकर्मी अरुण कुकसाल की किताब ‘चले साथ पहाड़’ का एक अंश है. किताब का ऑनलाइन…

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : जिंदगी धूप तुम घना साया

3 years ago

पिछली कड़ी - छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : धूप सुनहरी-कहीं घनेरे साये "अब सुनो, ये जोहार के व्यापारी तिब्बत से व्यापार करने…