कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 119

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

पिंटी का साबुन: संजय खाती की अविस्मरणीय कहानी

7 years ago

कथाकार संजय खाती का जन्म 1962 ई. में अल्मोड़ा में हुआ. कथा लेखन के साथ-साथ पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय हैं.…

मेले में अकेले

7 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 35 पिछले कड़ी- कहो देबी, कथा कहो – 34 उन्हीं दिनों एक लंबी यात्रा पिथौरागढ़…

हिसालू की जात बड़ी रिसालू

7 years ago

मई जून की गर्मियों में उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ों में कंटीली झाड़ियों के बीच उगने वाला एक रसदार फल होता…

वर्ल्ड म्यूजिक डे स्पेशल : ऋतुरैण गायन की विलुप्त होती परंपरा

7 years ago

उत्तराखण्ड (Uttarakhand)में ऋतु गीत गए जाने की परंपरा है, यह अब विलुप्त होती जा रही है. बसंत ऋतु में गाये…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 118

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

मृत्यु से दूसरा साक्षात्कार हुआ जब यशुदास मेरी आंखों के सामने डूबा

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन - 21 (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के…

अपने को और मीठा और चिपचिपा बना रहा है नैनीताल

7 years ago

उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के सदीगाँव में दिसंबर 1952 में जन्मे हरीशचन्द्र पाण्डे (Harish Chandra Pande) आजीविका के लिए भारतीय…

भट की चुड़कानी: पहाड़ियों का पसंदीदा व्यंजन

7 years ago

चुड़काड़ी, चुटकाड़ी, चुलकाड़ी चुड़कानी, चुटकानी (Bhat Ki Chulkani) नाम से जाने-पहचाने जाने वाले व्यंजन को उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल में…

अपने हिमालय की चोटियों को पहचानिए – त्रिशूल

7 years ago

( पोस्ट को नीरज पांगती की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें ) हिमालय की तीन सुन्दर…