उत्तराखण्ड का राज्य वृक्ष बुरांश

7 years ago

बुरांश (Rhododendron Arboreum) को बुरूंश भी कहा जाता है. नेपाल में इसे लाली गुराँस और गुराँस के नाम से जाना…

कामनापूर्ति मैया कोटगाड़ी भगवती का मंदिर

7 years ago

डीडीहाट और बेरीनाग की वयः संधि पर पूर्वी रामगंगा के तट पर स्थित है थल. थल से एक रास्ता मुवानी…

चम्फाखाव की वह होली और रेबू जिठबाज्यू की जलेबियां

7 years ago

उस बार कोसी नदी की घाटी में जब सरसों की पीली फसल को लहलहाते तथा दूर जंगलों में खिलते बुरांश…

कभी किलों-दुर्गों की बहुतायत थी उत्तराखण्ड में

7 years ago

उत्तराखण्ड में कई जगहों के नामों की शुरुआत में गड़, गढ़ी या गढ़ का इस्तेमाल दिखाई देता है. इस शब्द…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 121

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

रुपहले पर्दे पर परिवार रचने वाले राजकुमार बड़जात्या का निधन

7 years ago

'मैने प्यार किया' के प्रोड्यूसर बड़जात्या को कौन भूल सकता है. वे निर्देशक सूरज बड़जात्या के पिता थे. बड़जात्या की…

ठैरा और बल से आगे भी बहुत कुछ है कुमाऊनी में

7 years ago

आज अन्तराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस है. कुमाउंनी में मातृभाषा के लिये अगर सबसे उपयुक्त शब्द नज़र में आता है वह है…

नामवर सिंह: साहित्यिक-वाचिक परंपरा के प्रतिमान

7 years ago

'तुम बहुत बड़े नामवर हो गए हो क्या.' नामवर का नाम एक दौर में असहमति जताने का एक तरीका बनकर…

खाने की तासीर बदल देती है उत्तराखंड के मसालों की छौंक

7 years ago

किसी भी खाने को स्वादिष्ट बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका छौंके या तड़के की होती है. छौंक पड़ने से खाने…

पहाड़ी क्षेत्र में सिमटती सामाजिक सोच और पर्वतीय कृषि

7 years ago

पर्वतीय कृषि के विकास की बाधायें, पर्वतीय कृषि का भावी परिदृश्य एवं समस्याओं के समाधान हेतु कुछ सुझाव पंकज सिंह…