जिंदगी का अल्मोड़िया स्वरूप देखना हो तो यहां के नक्शेबाज चायखानों में चलिए

7 years ago

हर बड़े शहर - खासतौर पर ऐसे शहर, जो साहित्यकारों, लिक्खाड़ों के बड़े अखाड़े के रूप में जाने जाते हो-…

जब नन्दा देवी ने बागनाथ देव को मछली पकड़ने वाले जाल में पानी लाने को कहा

7 years ago

मां नंदादेवी जितना अपनी करुणा और ममता के लिये जानी जाती हैं उतना ही अपने क्रोध के लिये भी विख्यात…

कुमाऊं में अन्नप्राशन संस्कार

7 years ago

अन्नप्राशन संस्कार बच्चे के दांत निकलने से पहले किया जाता है. कुमाऊं में इसे अनपासनि, पासणि भी कहा जाता है.…

उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल मोहन सिंह की ईमानदारी

7 years ago

भारत में सबसे ज्यादा और सबसे भद्दी गाली खाने वालों में पुलिस विभाग का स्थान नंबर एक पर है. भारत…

आज गंगा दशहरा है

7 years ago

आज गंगा दशहरा है. पहाड़ों में इसे दसार या दसौर भी कहते हैं. इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून, 2019…

मुक्त आकाश का पंछी

7 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 46 पिछली कड़ी – कुमारस्वामी और काम के वे दिन वह दिन था 2 जून…

दिल्ली की गर्मी से बचना है तो कुमाऊँ के मुक्तेश्वर आइये

7 years ago

मुक्तेश्वर से हिमालय श्रृंखला अगर आप दिल्ली एनसीआर की गर्मी से पक चुके हैं तो मुक्तेश्वर आपके लिये एक बेहतरीन…

कुमाऊंनी लोकगीतों में सामाजिक चित्रण

7 years ago

लोकगीतों से हमारा तात्पर्य लोक साहित्य के उन रूपों से है, जो प्रायः अलिखित रहकर जन-साधारण द्वारा निर्मित होते हुए…

पहाड़ी मूले का थेचुवा खाइए जनाब, पेटसफा चूरन नहीं

7 years ago

कल सुबह सब्जी लेने मंडी में पहुंचा तो देखा कि पहाड़ी मूला/ मूली बाजार में आ चुका है. अभी बाजार में…

तराई-भाबर की लीची न खाई तो क्या खाया

7 years ago

लीची आ गई हैं. बाग-बगीचों में, वहां से तोड़कर बाजारों में और मेरे घर पर भी. लीची मेरा प्रिय फल…