चैन कैसा जो पहलू में तू ही नहीं

7 years ago

(पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें) मेलोडेलिशियस-8 ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं…

तब काठगोदाम से नैनीताल जाने के लिए रेलवे बुक करता था तांगे और इक्के

7 years ago

1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब 'अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं' में आज से कोई 120 बरस…

डाना गैराड़ के कलबिष्ट देवता की जागर सुनिए

7 years ago

कुमाऊँ और गढ़वाल के पहाड़ों में प्रचलित जागर पूर्वजों की आत्माओं का आह्वान करने की पुरानी परम्परा है. आम तौर…

मोगैम्बो वाकई खुश हुआ: आज अमरीश पुरी के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल

7 years ago

'मिस्टर इण्डिया' फिल्म में गहरी मरदाना आवाज में बोला गया अमरीश पुरी का डायलॉग - "मोगैम्बो खुश हुआ!" अपने आप…

दारमा घाटी में दुग्तालों का गांव दुग्तू

7 years ago

दुग्तू पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी का एक छोटा सा गांव है. पंचाचूली की गोद में बसा इस बेहद खूबसूरत…

ओ ईजा! ओ मां! – पहाड़ की एक भीगी याद

7 years ago

बचपन से आज तक ईजा (मां) को कभी नहीं भूला. वह 1956 में विदा हो गई थी, जब मैं छठी…

धराली से सातताल का एक आसान और सुरम्य हिमालयी ट्रैक

7 years ago

उत्तरकाशी गंगोत्री रोड पर गंगोत्री से 21 किमी पहले एक छोटा सा पहाड़ी गाँव है धराली. धराली उत्तरकाशी-गंगोत्री हाइवे के…

मेरि ड्यूटि बौडरा, घर में छू मेरि ईजा भौतै बिमारा – उदित नारायण का गाया पहाड़ी गीत

7 years ago

पहाड़ और फ़ौज का सम्बन्ध बहुत पुराना और अन्तरंग रहा है. पहले विश्वयुद्ध के समय से ही कुमाऊँ-गढ़वाल के वीरों…

ब्रिटिश एयरफोर्स से जंगलात की नौकरी तक का सफ़र : त्रिलोक सिंह कुंवर की आत्मकथा का तीसरा हिस्सा

7 years ago

(पिछली कड़ी: बाबू का घर छोड़ना और अकेले बालक का संघर्ष - त्रिलोक सिंह कुंवर की आत्मकथा का दूसरा हिस्सा)…

‘न्यौली’ के बिना अधूरा है उत्तराखंड का लोकगीत

7 years ago

उत्तराखंड में जब भी लोकगीतों की बात होती है तो न्यौली अपना एक विशेष महत्व रखती है. न्यौली को न्योली…