(पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें) मेलोडेलिशियस-8 ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं…
1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब 'अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं' में आज से कोई 120 बरस…
कुमाऊँ और गढ़वाल के पहाड़ों में प्रचलित जागर पूर्वजों की आत्माओं का आह्वान करने की पुरानी परम्परा है. आम तौर…
'मिस्टर इण्डिया' फिल्म में गहरी मरदाना आवाज में बोला गया अमरीश पुरी का डायलॉग - "मोगैम्बो खुश हुआ!" अपने आप…
दुग्तू पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी का एक छोटा सा गांव है. पंचाचूली की गोद में बसा इस बेहद खूबसूरत…
बचपन से आज तक ईजा (मां) को कभी नहीं भूला. वह 1956 में विदा हो गई थी, जब मैं छठी…
उत्तरकाशी गंगोत्री रोड पर गंगोत्री से 21 किमी पहले एक छोटा सा पहाड़ी गाँव है धराली. धराली उत्तरकाशी-गंगोत्री हाइवे के…
पहाड़ और फ़ौज का सम्बन्ध बहुत पुराना और अन्तरंग रहा है. पहले विश्वयुद्ध के समय से ही कुमाऊँ-गढ़वाल के वीरों…
(पिछली कड़ी: बाबू का घर छोड़ना और अकेले बालक का संघर्ष - त्रिलोक सिंह कुंवर की आत्मकथा का दूसरा हिस्सा)…
उत्तराखंड में जब भी लोकगीतों की बात होती है तो न्यौली अपना एक विशेष महत्व रखती है. न्यौली को न्योली…