इंसान के बच्चे को मारकर खाने से कम क्रूर है पशु को मारकर खाना?

7 years ago

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – बारहवीं क़िस्त पिछली क़िस्त का लिंक: बच्चे कैसे जिएंगे हिंसक होते…

बैगा हुड़किया द्वारा कही गयी काला भंडारी की कहानी

7 years ago

पहाड़ की कहानियां जो पिछली सदी में बैगा हुड़किया ने सुनाई थी पादरी ई एस ओकले और तारा दत्त गैरोला…

पर्वतारोहियों की मृत्यु की सूचना सम्मानपूर्वक दे सकने तक का समय नहीं है पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के पास

7 years ago

District Administration Pithoragarh फेसबुक पेज का स्क्रीन शॉट 28 जून के दिन का यह पोस्ट पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के फेसबुक…

भांग की चटनी – चटोरे पहाड़ियों की सबसे बड़ी कमजोरी

7 years ago

चंदू की चाची को चांदनीखाल में चटनी चटाई जूनियर कक्षाओं में बाल मंडली ने अनुप्रास अलंकार का एक घरेलू उदाहरण…

जब सिल्ला वाले रात का खाना खाते हैं तब चिल्ला वाले सो चुके होते हैं

7 years ago

सिल्ला और चिल्ला गाँव - लीलाधर जगूड़ी हम सिल्ला और चिल्ला गाँव के रहनेवाले हैंकुछ काम हम करते हैं कुछ…

बरसातों में बिनसर – फोटो निबंध

7 years ago

अल्मोड़ा से करीब तीस किलोमीटर दूर स्थित बिनसर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी के घने जंगल बरसातों में इस कदर हरे हो…

सेम मुखेम गांव के पहाड़ों की आवाज

7 years ago

टिहरी गढ़वाल प्रतापनगर तहसील के सेम मुखेम गांव की कहानी जो पलायन के चलते आधे से ज्यादा खाली हो गया…

फिर आयेगा धुन्नी

7 years ago

मुंशी प्रेमचंद की क्लासिक कहानी 'ईदगाह' की शुरुआत, अगर मुझे ठीक से याद है, तो कुछ इस तरह से है-…

पहाड़ के चेहरे: कमल जोशी के फोटो

7 years ago

कमल जोशी उत्तराखंड के सबसे प्रतिभावान फोटोग्राफरों में से थे. अपने जीवन के अधिकाँश वर्ष उन्होंने कुमाऊँ-गढ़वाल के पहाड़ों को…

1850 तक एक भी पक्का मकान नहीं था हल्द्वानी में

7 years ago

दस्तावेजों में हल्द्वानी का जिक्र 1824 में मिलता है जब उस साल हैबर नाम का एक अंग्रेज पादरी बरेली से…