पहाड़ियों का ही नहीं भालू का भी प्रिय फल है बमौर

7 years ago

उत्तराखंड के पहाड़ों में 1500 से 2300 मीटर की ऊंचाई पर उगने वाला एक फल होता है - बमौर. पका…

राजस्थान से हल्द्वानी आ गए लेकिन मूर्तिकार इन्हें कोई नहीं मानता

7 years ago

ये बेहतरीन जीवन्त मूर्तियों का निर्माण करते हैं जो बेहद सस्ती,  वजन में हल्की और टिकाऊ होती हैं. पचास रुपए…

उत्तराखण्ड पंचायत चुनाव: रागिनी बनीं सबसे कम उम्र की जनप्रतिनिधि

7 years ago

हल्द्वानी ब्लॉक की पनियाली ग्राम सभा से मात्र 21 साल 3 महीने की उम्र में ग्राम प्रधान का चुनाव जीतकर…

अलविदा सुरेन्द्र पुंडीर भैजी

7 years ago

लिखा-पढ़ी से जुड़ा उत्तराखण्ड में कौन होगा जो इस शख़्स को नहीं जानता होगा. साहित्य-संस्कृति-पत्रकारिता का कोई भी आयोजन हो…

मासी हाफ मैराथन : नीरज सिंह पांगती का फोटो निबंध

7 years ago

चौखुटिया से 12 किलोमीटर पहले रामगंगा नदी के पूर्वी किनारे पर तल्ला गेवाड़ में एक छोटी सी बसासत है मासी. 20 अक्टूबर…

हमें कई चीजों से बेवजह नफरत सिखा दी जाती है

7 years ago

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – उनतीसवीं क़िस्तपिछली क़िस्त का लिंक: छोटी-छोटी चीजों के स्वाद से बना जीने का…

तब बची गौड़ धर्मशाला ही यात्रियों के लिए इकलौता विश्राम स्थल थी हल्द्वानी में – 1894 में बनी

7 years ago

[एक ज़माने में तराई-भाबर का भी इकलौता बाजार था हल्द्वानी का मंगल पड़ाव] हल्द्वानी में आने-जाने वालों के लिए इकलौता…

क्या उत्तराखण्ड के लोग गौणा ताल के शिलालेख को पढ़ने के लिए तैयार हैं?

7 years ago

उत्तराखंड में हिमालय और उसकी नदियों के तांडव का आकार प्रकार अब हर मौसम में धीरे–धीरे दिखने लगा है. लेकिन…

उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना और यथार्थ के विषय पर हल्द्वानी में आयोजित संगोष्ठी

7 years ago

जब विचारों का ज्वार धधक रहा हो, मन में सवाल उमड़-घुमड़ रहे हों, बेचैन करने वाली तमाम तस्वीर हमारे सामने…

मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, परिस्थितियां उसकी गुलाम हैं

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन – 52 ( Sundar Chand Thakur Memoir) (पिछली क़िस्त: इस विपुला पृथिवी को मैं जानता ही…