अंग्रेजों के ज़माने में पटवारी अपनी पट्टी का राजा होता था

6 years ago

पहाड़ में अब भी बड़े बुजुर्ग कहते हैं सबका बैर झेला जा सकता है पटवारी का बैर नहीं. अब भले…

उत्तराखण्ड के निशानेबाज जसपाल राणा को इस साल प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से नवाजा जाएगा

6 years ago

जूनियर भारतीय पिस्टल टीम के मुख्य कोच उत्तराखण्ड के जसपाल राणा को इस साल प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से नवाजा जाएगा.…

पहाड़ की यादों को कैद करने वाला पिताजी का कैमरा

6 years ago

जिस आदमी ने ताज़िंदगी कलाई पर घड़ी न पहनी हो, अपने खरीदे रेडियो-टीवी में खबर न सुनी हो उस आदमी…

नैनीताल क्षेत्र में सिटोलों के पैर क्यों गलने लगे

6 years ago

एक तरफ कोरोना जैसी महामारी का दौर तो दूसरी ओर घरेलू मैना या सिटोला पक्षी में वर्ष 2015 में तस्दीक…

उत्तराखंड की सामाजिक व व्यवसायिक पृष्ठभूमि में भेकुए के पेड़ का महत्व

6 years ago

उत्तराखंड की देवभूमि कई प्रकार की वनस्पतियों व प्राकृतिक संपदाओं से भरी हुई है. जिन संपदाओं में एक विशिष्ट संपदा…

आपदा के बीच घ्यूं त्यार के दिन ढुस्का गाते धापा गांव के परिवार

6 years ago

मैंने मुनस्यारी से 15 किमी दूर धापा गांव में सन् 1991 में जन्म लिया. तब गांव में न बिजली थी,…

खुश होना या दुखी होना हमारा चुनाव है

6 years ago

हमें खुश होना है या दुखी होना है, यह चुनाव हमेशा हमारे हाथ में रहता है. सामान्यत: हमें लगता है…

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भूलती सरकारें : बागेश्वर से 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम सिंह चौहान की बात

6 years ago

आजादी के बाद से ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और शौर्य के नाम पर सरकारें हर साल 15 अगस्त…

कल है पहाड़ियों का लोकपर्व घ्यूं त्यार

6 years ago

कुमाऊं में भादों मास की संक्रांति घ्यूँ त्यार मनाया जाता है. इसे 'ओलकिया' या 'ओलगी' संक्रान्त भी कहते हैं. इस…

आजादी के बाद पहाड़ों में खलनायक ही क्यों जन्म ले रहे हैं

6 years ago

हमारी धरती में नायकों की कभी कमी नहीं रही. चाहे जितने गिना लीजिए. आजादी से पहले भी, और बाद में…