लोकभाषा में उलटबांसियां

6 years ago

गूढ़ रहस्यों और मर्मस्पर्शी भावों को व्यक्त करने में गढ़वाली बोली कितनी समर्थ है, इसका जायजा लेने की एक छोटी…

आंखें नहीं तो क्या, उम्मीदों की रोशनी का उजियारा बहुत है

6 years ago

ये उस शख्स के दृण संकल्प का नतीजा है जिसने अपनी आंखों की रौशनी तो खो दी मगर समाज में…

पहाड़ी महिलाएं पलायन के लिये कितनी जिम्मेदार

6 years ago

पलायन पहाड़ी गावों की संभवतया सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने है. इसके कारणों पर बड़े-बड़े विशेषज्ञ अपनी बात…

जौनसार: जहां देवता आज भी चलते फिरते हैं

6 years ago

शिवालिक की सुरम्य पहाड़ियों में प्रकृति ने अनूठे रंग भरे हैं. यहाँ का जन जीवन भी विविधता से भरा है…

1945 के नैनीताल की स्मृतियां

6 years ago

मेरा बाल्यकाल अल्मोड़ा में बीता. पिताजी अल्मोड़ा में रहते थे. हमारी दुनिया अल्मोड़े तक ही सीमित थी. कुमाऊवासियों के लिए…

चलिए, थोड़े अमीर बनें

6 years ago

शहरों में आकर अपना भाग्य आजमाने वाले हममें से ज्यादातर लोगों की कहानी एक जैसी है. गरीबी से अमीरी की…

प्रथम संस्करण की प्रस्तावना

6 years ago

प्रथम संस्करण की प्रस्तावना लिखते हुए मुझे उतना ही हर्ष हो रहा है जितनी मेरे साथी साहित्यकारों को प्रस्तावना पढ़ते…

आईपीएल-2020 में उत्तराखंड की तान्या करेंगी एंकरिंग

6 years ago

आईपीएल 2020 शुरू होने से पहले ही जीत लिया गया है. कम से कम उत्तराखंड में तो यही माना जा…

मडुवे की गुड़ाई के बीच वो गीत जिसने सबको रुला दिया

6 years ago

चौमास (बरसात) में बारिश से जरा सी राहत मिली कि सारे गांव के लोग कोदा-झंगोरा गोड़ने खेतों की ओर चल…

अल्मोड़े का ठसका

6 years ago

चापलूस-भलेमानुस की छवि बनाए रखना दुकानदारी की पहली शर्त है. एक दुकानदार को सफलता हासिल करने के लिए झूठमूठ हंसने…