पिछले सप्ताह हरेला सोसायटी द्वारा अपनी एक गतिविधि ‘हरेला पर लिखो और उपहार पाओ’ के तहत निबंध आमंत्रित किये गये…
लिफाफे के बाहर पता यों लिखा हुआ था :सोसती सिरी सरबोपमा - सिरीमान ठाकुर जसोतसिंह नेगी, गाँव प्रधान - कमस्यारी…
हम जब कॉलेज में थे तो एक बार पिकनिक में सातताल गये. धूपचैड़ से आगे बढ़ते ही ऊँचाई से घने…
मेरे लिए यादों का एक शहर. कई वर्षों बाद आज यहां लौटना हुआ. इसे लौटना भी क्या कहूँ? बस ये…
आज उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला है. आज की सुबह हरेला काटे जाने के बाद सबसे पहले अपने इष्टदेव के…
ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है इस मुहावरे का असली अर्थ सही मायनों में मुझे…
आखिर गुजर गए 32, बड़ा बाज़ार, मल्लीताल के हमारे ठुलदा वर्ष 2013 में एक महत्त्वाकांक्षी योजना के रूप में मैंने…
हरेले से एक दिन पहले कुमाऊँ अंचल में डिकारे पूजे जाते हैं. कुछ लोग पहले ही डिकारे तैयार कर लेते…
उच्चतम न्यायालय ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा की अनुमति न देने के निर्णय को दूरदर्शी बताया है. देश की…
“आप भी लिखते हो?” बाबूजी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए मुझसे कहा, जब मैंने उनको बताया कि मैं लिखता हूँ.…