पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप

9 months ago

महान हिमवत्, पर्वतों के राजा के रूप में प्रसिद्ध हैं और किन्नरों, गंधर्वों तथा विद्याधरों का निवास स्थान हैं. वे…

साधारण जीवन जीने वाले लोग ही असाधारण उदाहरण बनते हैं : झंझावात

9 months ago

जीवन की सबसे गहरी कहानियाँ अकसर वो होती हैं जो शब्दों में नहीं, रिश्तों की गंध में बसती हैं. 'झंझावात'…

उत्तराखण्ड 25 वर्ष: उपलब्धियाँ और भविष्य की रूपरेखा

9 months ago

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और सामाजिक चिंतक प्रो. पी. सी. जोशी का यह कथन बेहद प्रासंगिक है कि ‘‘....यह स्वीकार करते हुए…

उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन की नई दिशा

9 months ago

उत्तराखंड जैसे संसाधन सीमित हिमालयी राज्य के लिए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि विकास का मूल…

राज्य की संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में महिलाओं का योगदान

9 months ago

“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” हमारी भारतीय संस्कृति में माँ और जन्म भूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ माना गया है…

आजादी से पहले ही उठ चुकी थी अलग पर्वतीय राज्य की मांग

9 months ago

1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत का शासन ब्रिटिश क्रॉउन में निहित होने के बाद, अंग्रेजों ने केंद्रीकृत व्यवस्था…

मां, हम हँस क्यों नहीं सकते?

9 months ago

"मां, मेरे लिए सुधा मूर्ति की बुक आर्डर कर दो" बेटी भीतर आते ही बोली. "कभी अपने स्कूल की किताबें…

कुमाउनी भाषा आर्य व अनार्य भाषाओं का मिश्रण मानी गई

9 months ago

कुमाउनी शब्द सम्पदा की विपुलता, विविधता और सामर्थ्य के प्रसंग में लब्ध प्रतिष्ठित भाषा शास्त्रियों का मत है कि कभी-कभी तो…

नीब करौरी धाम को क्यों कहते हैं ‘कैंची धाम’?

10 months ago

अगर आप कभी नैनीताल या अल्मोड़ा की तरफ़ यात्रा पर निकले हों तो रास्ते में “कैंची धाम” का नाम ज़रूर…

“घात” या दैवीय हस्तक्षेप : उत्तराखंड की रहस्यमयी परंपराएँ

10 months ago

उत्तराखंड की पहाड़ियाँ जितनी शांत और सुंदर हैं, उतनी ही रहस्यमय भी. यहाँ के गाँवों में आज भी कुछ परंपराएँ…