असल पहाड़ी प्रकृति के उपकारों को कभी नहीं भूलता : विश्व पृथ्वी दिवस विशेष

4 years ago

प्रकृति उत्तराखंड के लोकपर्वों का अभिन्न हिस्सा है. उत्तराखंड के हर छोटे-बड़े त्यौहार में प्रकृति किसी न किसी रूप में…

लोक कथा : कछुए ने बन्दरों से बदला लिया

4 years ago

बहुत दिनों पहले की बात है, कि एक बार एक कछुआ एक अजनबी शहर में नमक खरीदने गया. (Folklore Kachue…

उत्तराखण्ड की अनूठी विवाह परम्पराएँ

4 years ago

https://www.youtube.com/embed/GQ70duF1Mjo बहुप्रचलित पूर्णतः वैदिक अनुष्ठान, संस्कार तथा स्थानीय रीति-रिवाज के साथ किये जाने वाले अंचल विवाह परम्परा के अलावा भी…

लोक कथा : घमंडी का सिर नीचा

4 years ago

बहुत पुरानी बात है कि एक जगह एक राजा रहता था जो अपने में ही इतना लगा रहता था और…

शहीद भगत सिंह का लेख : साम्प्रदायिक दंगे और उनका इलाज

4 years ago

(23 साल की उम्र में देश की आज़ादी के लिए शहादत देने वाले भगत सिंह ने तब तक इतना कुछ…

जीवन और जंगल से बेदखल जंगल के राजा

4 years ago

शोभाराम शर्मा जी का नाम मैंने प्रयाग जोशी जी से सुना था. प्रयाग जी ने 1972-73 में पिथौरागढ़ जिले के…

आज भगवती प्रसाद जोशी ‘हिमवन्तवासी’ की पुण्यतिथि है

4 years ago

गढ़वाली और हिन्दी के कालजीवी कहानीकार स्वर्गीय भगवती प्रसाद जोशी ‘हिमवन्तवासी’ का जन्म 17 अगस्त, सन् 1927 में जोश्याणा, पैडुलस्यूं,…

लोक कथा : चतुर बहू

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बहुत समय पहले की बात है, किसी गांव में एक धनी साहूकार रहता था. उसके चार बेटे थे, चारों का…

लोक कथा : जब अंडे ने बिल्ले से लिया बदला

4 years ago

एक बार एक जंगली बिल्ले ने एक मुर्गी से दोस्ती करने का बहाना किया पर सच तो यह था कि…

स्याल्दे-बिखौती का मेला

4 years ago

अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट कस्बे में सम्पन्न होने वाला स्याल्दे बिखौती का प्रसिद्ध मेला प्रतिवर्ष वैशाख माह में सम्पन्न होता…