न तराई-भाबर में रहने वाले इंसानों को अंदाजा था न यहां के घनघोर बियावान में रहने वाले जानवरों को कि…
एक गिरगिट था. अच्छा, मोटा-ताजा. काफी हरे जंगल में रहता था. रहने के लिए एक घने पेड़ के नीचे अच्छी-सी…
कई साल पहले कश्मीर की ऊँची पहाड़ियों में एक धनी किसान रहता था, जिसका नाम द्रूस था. हालाँकि उसके पास…
कोतवाल का हुक्का, हाल ही में प्रकाशित कथा संग्रह है, अमित श्रीवास्तव का. उत्तराखण्ड पुलिस महकमे में आईपीएस अधिकारी हैं.…
चारधाम यात्रा का मुख्य द्वार होने के चलते ऋषिकेश को ट्रांसपोर्ट नगरी भी कहा जाता है. आज के सूचना प्रौद्योगिकी…
उत्तराखंड के गांवों में शराब ने सब बर्बाद कर दिया है..रोजगार के लिए पलायन की वजह से पहले ही गांव…
चौंरीखाल से चलें तो तकरीबन 5 किमी. आगे पैठाणी से आने वाली सड़क हमारी सड़क से जुड़ गयी है. ललित…
पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्यात्रा : यूँ शाख पे उगतीं हैं कोमल कोंपलें सुबह जब भी आँखें खुलती खिड़की…
बात तब की है जब हम हाईस्कूल पास कर चुके थे. हमारे कुछ सीनियर मित्र भी थे जो इण्टर में…
किसी गांव में एक ब्राह्मण रहता था. वह पूजा अनुष्ठान का अच्छा जानकार और विद्वान था और लोग आए दिन…