Default

मुख्यमंत्री के तीनों चेहरों को नकारा जनता ने

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे लगभग पूरे आ गये हैं. विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा सरकार बनाने जा रही है. इस विधानसभा चुनाव कई बड़े उलटफेर हुये हैं. 70 विधानसभा सीटों वाले राज्य में बीते 14 फरवरी को विधानसभा हुये और आज चुनावी नतीजे आ रहे हैं अब तक आये रुझानों से तय है कि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से उत्तराखंड राज्य में सरकार बनाने जा रही है. ख़बर लिखे जाने तक भाजपा 45 सीटों में आगे चल रही है.
(All 3 CM Candidate lost Uttarakhand Election)

2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में तीन मुख्य पार्टी भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को माना जा रहा था. चुनाव से पहले भाजपा ने पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री का चेहरा स्वीकार किया था और पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही पूरा चुनाव लड़ा गया. पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े.

कांग्रेस की ओर से किसी भी प्रत्याशी को मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजेक्ट नहीं किया गया था हालांकि कांग्रेस हाईकमान द्वारा यह स्पष्ट किया गया था कि कांग्रेस चुनाव हरीश रावत के नेतृत्व में लड़ेगी. यह बात अलग है कि चुनाव के बाद तुरंत हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी ठोक दी. हरीश रावत लालकुंआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़े.
(All 3 CM lost Uttarakhand Election)

प्रदेश में पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने भी यह विधानसभा चुनाव पूरे दमखम से लड़ा यह आम आदमी पार्टी की चूक कही जा सकती है कि उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में कम ध्यान दिया. जिसके परिणाम सभी के सामने हैं. आम आदमी पार्टी पहली पार्टी थी जिसने राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया. आम आदमी पार्टी के द्वारा कर्नल अजय कोठियाल को राज्य में मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट किया. कर्नल अजय कोठियाल गंगोत्री विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे.  

आज आये चुनावी नतीजों में तीनों चेहरों को उनकी अपनी विधानसभा के मतदाताओं ने ही नकार दिया है.
(All 3 CM Candidate lost Uttarakhand Election)

-काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

6 days ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

7 days ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

1 week ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

1 month ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

1 month ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

1 month ago