Featured

उत्तराखंड विधानसभा में 83 प्रतिशत सदस्य करोड़पति हैं

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree

एशोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ोर्म्स (एडीआर) ने हाल में भारत के 28 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रेदशों की विधानसभा के सदस्यों से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है. एडीआर वारा जारी इस रिपोर्ट में विधानसभा सदस्यों की आर्थिक स्थिति, उन पर आपराधिक मामले संबंधित आकड़ें हैं. इस रिपोर्ट में विधानसभा में महिला प्रतिनिधत्व से जुड़े आकड़े भी शामिल किये गये हैं.
(ADR Report Uttarakhand MLA)

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड विधानसभा के सदस्यों की औसत आय 7 करोड़ से अधिक है. एडीआर द्वारा पूर्व में जारी रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड विधानसभा में 83 प्रतिशत सदस्य करोड़पति हैं. एडीआर की अन्य रिपोर्ट के अनुसार 2022 में उत्तराखंड राज्य की कैबिनेट में शामिल प्रत्येक मंत्री करोड़पति था. इस रिपोर्ट में लिखा गया कि राज्य सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रत्येक मंत्री की कुल संपत्ति 1 करोड़ से अधिक है.

एडीआर रिपोर्टानुसार उत्तराखंड विधानसभा में कुल 35 सदस्य ऐसे हैं जो 2017 और 2022 दोनों विधानसभाओं निर्वाचित हुए. दुबारा निर्वाचित विधानसभा सदस्यों की आय में औसतन 2 करोड़ की संपत्ति की वृद्धि हुई है.
(ADR Report Uttarakhand MLA)

राज्य की दो प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के सदस्य को अलग-अलग देखा जाये तो भाजपा के 29 विधायक दोबारा चुनकर आये हैं जिनकी 2017 से 2022 के बीच कुल औसतन सम्पत्ति 5 करोड़ से 7 करोड़ हुई. कांग्रेस के 6 विधायक दोबारा चुनकर आये हैं जिनकी 2017 से 2022 के बीच कुल औसतन सम्पत्ति 4 करोड़ से 6 करोड़ हुई.   

दोनों पार्टियों से विधानसभा में आये सदस्यों की संपत्ति देखी जाये तो भारतीय जनता पार्टी से जहां 85% विधायक करोड़पति हैं तो वहीं कांग्रेस पार्टी से आये 79 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं.    
(ADR Report Uttarakhand MLA)

काफल ट्री फाउंडेशन

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

3 days ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

3 days ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

3 days ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

6 days ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

1 week ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

1 week ago