बाइबिल के अनुसार भगवान के पुत्र यानी ईसा मसीह को कोड़ों के पीटने के बाद उनसे वह सूली लाद कर ले जाए जाने को कहा गया था जिस पर उन्हें चढ़ाया जाना था. जिस दिन यह घटना घटी थी उसे गुड फ्राइडे (Good Friday) के रूप में मनाया जाता है. इस त्रासद घटना के साथ ‘गुड’ शब्द लगाए जाने का तुक समझ में नहीं आता.
कुछ सूत्रों का मानना है कि यहाँ इस शब्द का अर्थ “अच्छा” नहीं बल्कि “पवित्र” है. कुछ स्रोत कहते हैं कि यह ‘गॉड्स फ्राइडे’ का अपभ्रंश है.
जो भी हो, ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी की वरिष्ठ संपादिका फियोना मैकफर्सन का मानना है कि ‘गुड’ विशेषण के अभिप्राय उस दिन या मौसम से है जब कोई धार्मिक उत्सव मनाया जाता है. इस सन्दर्भ में ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार ‘गुड’ का अर्थ हुआ – “एक ऐसा दिन अथवा मौसम जिसे चर्च द्वारा पवित्र रूप में मनाये जाने का आदेश हो.” इसीलिये क्रिसमस के समय श्रोव ट्यूजडे (Shrove Tuesday) को “गुड टाइड” (good tide) कहा जाता है. गुड फ्राइडे के अलावा ईस्टर से पहले के बुधवार को ‘गुड वेडनेसडे’ कहा जाता है हालांकि इस बात की जानकारी बहुत सारे लोगों को नहीं है.
डिक्शनरी के अनुसार गुड फ्राइडे का पहला ज़िक्र वर्ष 1290 के एक टेक्स्ट ‘द साऊथ इंग्लिश लेजेंड्री’ में आता है. बाल्टीमोर कैटशिज्म, जो कि 1885 से 1960 के दशक तक का मानकीकृत कैथोलिक स्कूल टेक्स्ट माना जाता रहा है, के अनुसार गुड फ्राइडे को गुड इसलिए कहा जाता है कि उस दिन ईसा मसीह ने मनुष्य के प्रति अपार प्रेम का प्रदर्शन किया था और उसके लिए दुनिया के सभी आशीर्वाद पा लिए थे.
1907 में सबसे पहले प्रकाशित किये गए ‘द कैथोलिक एन्साइक्लोपीडिया’ के अनुसार इस शब्द की उत्पत्ति स्पष्ट नहीं है. इसके मुताबिक़ कुछ स्रोत इसे ‘गॉड्स फ्राइडे’ मानते हैं (Gottes Freitag) जबकि कुछ मानते हैं कि यह शब्द जर्मन भाषा के Gute Freitag से बना है. यह ग्रंथ बताता है कि एंग्लो-सैक्सनों द्वारा इसे ‘लॉन्ग फ्राइडे’ कहा जाता था और आधुनिक डेनिश भाषा में इसे आज भी इसी नाम से संदर्भित किया जाता है.
‘द कैथोलिक एन्साइक्लोपीडिया’ यह भी बतलाता है कि यूनानी शर्म्शास्त्रों में इसे ‘द होली एंड ग्रेट फ्राइडे’ कहा जाता रहा है. वहीं रोमानी भाषाओं में इसे ‘होली फ्राइडे’ और आधुनिक जर्मन भाषा में ‘Karfreitag’ (दुखभरा फ्राइडे) कहे जाने का रिवाज है.
वैसे आसान भाषा में कहें तो आज गुड फ्राइडे है.
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