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कौन कहता है उत्तराखंड में विकास नहीं हो रहा

कुछ भी वायरल हो जाने के इस युग में पिछले दिनों एक तस्वीर उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत में वायरल हुई. इस तस्वीर में एक छोटी मैजिक में एक पोस्टर लगा है जिस पर लिखा है देशी शराब ठेका आना जाना फ्री. जाहिर सी बात है तस्वीर का वायरल होना भी तय था.

तस्वीर को उत्तर भारत में अलग-अलग तरीके से शेयर किया जा रहा था जिसमें कोई इसे हरियाणा, कोई उत्तर प्रदेश तो कोई उत्तराखंड की बता रहा था.

हमारी पड़ताल के दौरान यह तस्वीर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की निकली. पहले यह तस्वीर देखिये :

दरसल पूरा मामला कुछ इस तरह है – देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में एक जगह है सेलाकुई. पिछले कुछ दिनों से सेलाकुई में शराब का ठेका बंद है. जानकारी के अभाव में शराब के शौक़ीन हर रोज शराब की दुकान के आगे निराश होने आ रहे थे. पास में ही सहसपुर के नये ठेके मालिक से यह निराश न देखी गयी. उन्होंने 29 अप्रैल से सेलाकुई में पड़ने वाले देशी शराब के ठेके के सामने एक वाहन खड़ा कर दिया और निराश शराब के शौकीनों को मुफ्त में यात्रा सेवा देने लगे.

कुछ दिन बाद किसी ने सोशियल मिडिया में तस्वीर डाल दी जो पहली मई से देशभर में वायरल हो गयी. बाद में किसी ने सेलाकुई थाना में इसकी रपट भी लिखा दी. पुलिस ने वाहन चालक और सहसपुर के ठेके के कर्मचारी दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया. हालांकि शराबी सेवा के लिये किये गए इस पुण्य काम करने वालों को कानून की किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है यह पता नहीं है.

हो न हो शराबी सेवा के इस पुण्य कार्य में इनकी प्रेरणा स्त्रोत उत्तराखंड सरकार ही रही होगी. जब पिछले बरस सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग के आस-पास शराब की दुकान बंद करने का निर्णय दिया था तब उत्तराखंड सरकार ने ही वैन में भरकर गांव-गांव शराब बेचने का पुण्य काम किया था.

अब जब सरकार गांव-गांव जाकर लोगों को पिला सकती है तो बेचारा ठेके का मलिक भी शराबियों के लिये इतना तो कर ही सकता था. हालांकि मामले ने दो-तीन दिन में रफा-दफा हो जाना है लेकिन अब लोगों को सवाल नहीं करना चाहिये कि उत्तराखंड में विकास नहीं हो रहा है.

– काफल ट्री डेस्क

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Girish Lohani

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