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बीते दिनों घटी तीन ख़बरें हैं जो बता देगी उत्तराखंड ने 22 सालों में क्या पाया

लोग सवाल करते हैं उत्तराखंड ने 22 साल में क्या पाया? बीते दिनों घाटी तीन ख़बरें हैं जो उत्तराखंड का हाल बयान करने को काफ़ी हैं. शायद उत्तर भी है कि उत्तराखंड ने 22 साल में क्या पाया?
(Uttarakhand News September 2022)

पहली ख़बर चम्पावत की है. चम्पावत के एक सरकारी स्कूल में एक बच्चे की मौत हो गयी कारण था स्कूल में एक खस्ताहाल छत का गिरना. दुर्घटना में 5 अन्य बच्चों को भी चोट लगी.

दूसरी खबर पिथौरागढ़ जिले से है. ओपीडी की पंक्ति में खड़े एक पिता की गोद में उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया. गंभीर हालत में अस्पताल लाये अपने बच्चे की मृत्यु का कारण अस्पताल की लापरवाही बताया जा रहा है.

तीसरी खबर गढ़वाल से है. जहां कोटद्वार से पौड़ी की ओर आ रहे आ रहे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हाथी ने दौड़ा दिया. जान बचाने के लिये चट्टान पर चढ़े पूर्व मुख्यमंत्री का वीडियो सोशियल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वापस अपने रास्ते लगते हैं.
(Uttarakhand News September 2022)

तीन खबरों में उत्तराखंड का हाल साफ झलकता है. राज्य की शिक्षा व्यवस्था दुर्घटना ग्रस्त है, स्वास्थ्य व्यवस्था मृतप्राय है और राजनेता करियर बचाने के लिये पहाड़ चढ़ रहे हैं. पद रहते हुये हेलिकॉप्टर से घुमने वाले अब पद बनाने के लिये सड़कों की यात्रा पर हैं.

बेरोजगारी और पलायन में हर दिन नये कीर्तिमान बना रहे हैं पर आकड़ों में यह राज्य नम्बर वन है. क्या फायदा ऐसे नबर वन का जहां के स्कूल बच्चों के लिये सुरक्षित नहीं, जहां के अस्पताल में इलाज नहीं. कभी हिमालय बचाओ तो कभी गंगा बचाओ के नाम पर करोड़ों खर्च कर दिये जा रहे हैं. चार पैसे शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करेंगे तो लोग भी बचेंगे. लोग बचेंगे तो हिमालय भी बचेगा गंगा भी निर्मल बहेगी.
(Uttarakhand News September 2022)

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  • भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों का गठजोड़ यदि सूक्ष्मदर्शी यंत्र से अवलोकन करने की इच्छाशक्ति, हिम्मत और उत्तराखंड से लगाव है तो " विधानसभा में पिछले दरवाजे से हुई नियुक्तियों " पर करें, उत्तराखंड में 22 साल से मचे गंद को स्पष्ट देखा जा सकता है । लेकिन कोई माई का लाल इस भारतवर्ष में है नहीं, जो ये बीड़ा उठा सके । अतः जलते उत्तराखंड में अपने हाथ तापिए और उसमें हिस्सेदारी नहीं मिलती तो मेरी तरह भड़ास निकालिए।

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