उत्तराखंड: किसानों का कर्ज माफ नहीं करेगी सरकार

राज्य गठन के सालों बाद भी कृषि का क्षेत्रफल करीब 15 प्रतिशत घटा है. खेती में मुनाफा न होने से राज्य में कर्जदार किसानों की तादाद भी बढ़ी है. मार्च 2017 तक प्रदेश में सात लाख किसानों पर 10968 करोड़ कर्ज का बोझ है. जिस पर सालाना 934.32 करोड़ का ब्याज लग रहा है.

प्रदेश के मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर से ज्यादा पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की आर्थिक स्थिति खराब है. जिस कारण किसान खेतीबाड़ी छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं. प्रदेश में 3.30 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है. जिसमें 2.86 हेक्टेयर(86.88 प्रतिशत) मैदानी क्षेत्र में शामिल है. पर्वतीय क्षेत्र में मात्र 13.11 प्रतिशत क्षेत्रफल में मौजूदा समय में सिंचाई की सुविधा है.

सूखा और अतिवृष्टि से हर साल किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है. प्रदेश में वर्ष 2014-15 में रवि सीजन में तीन लाख 75 हजार हेक्टेयर भूमि पर फसलों पर 513.69 करोड़ का नुकसान हुआ था. वर्ष 2015-16 में सूखा पड़ने से एक लाख नौ हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर 95.79 करोड़ का नुकसान हुआ.

विधानसभा सत्र के चौथे दिन विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने किसानों का ऋण माफ करने का प्रस्ताव सदन में रखा. इन सब के बाद भी सरकार ने प्रदेश के किसानों का ऋण उत्तर प्रदेश की तर्ज पर माफ करने से इन्कार कर दिया. राज्य का कहना है कि वित्तीय हालत के चलते सरकार किसानों का ऋण माफ करने की स्थिति में नहीं है.

सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी दोगुना करना है. सहकारी विभाग के जरिये एक लाख रुपये की राशि मात्र दो फीसद ब्याज पर किसानों को दी जा रही है. सरकार की तरफ से संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार के पास सीमित संसाधन हैं.

सरकार का दावा  है कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 तक मिलकर किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. राज्य में बंजर भूमि पर मनरेगा के तहत सुगंध, हर्बल पौधों, फ्लोरीकल्चर, रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना बनाई गई. किसानों को कृषि उत्पाद का सही दाम मिले, इसके लिए पर्वतीय क्षेत्रों में कोल्ड स्टोर और कूल रूम स्थापित करने की योजना है. पर्वतीय क्षेत्रों में नई सब्जी मंडी स्थापित की जा रही हैं.लेकिन कर्जमाफी कोई विकल्प नहीं है. इससे कोई स्थायी हल नही निकाला जा सकेगा.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक

10 मार्च 2026 को ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड के वन मंत्री ने विधानसभा…

1 day ago

उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं

गोविंदा, रघु, रामकली, चंदा, कृष्णा दा, सूर्या... नाम नहीं जीवन हैं कई दिनों से राजधानी…

2 days ago

उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान

विश्व क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली भी अब टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग निवासी आयुष बड़ौनी…

2 days ago

उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य

उत्तराखंड की एक और बेटी ने फिर दुनिया में देश का नाम रोशन किया है.…

2 days ago

बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर

यह दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत तस्वीर है. इस से पहले मैंने ऐसी तस्वीर नहीं देखी,…

2 days ago

खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन

डीएनए, आनुवंशिकी और मानवशास्त्र की दृष्टि से एक वैज्ञानिक समीक्षा भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में यदि…

4 days ago