Uttarakhand ke Lokdevta

बरसात की पहली लौकी लोक परम्परानुसार भूमिया देवता को अर्पितबरसात की पहली लौकी लोक परम्परानुसार भूमिया देवता को अर्पित

बरसात की पहली लौकी लोक परम्परानुसार भूमिया देवता को अर्पित

इस साल काफी मेहनत के बाद लौकी व कद्दू की बेल अच्छी हुई है. लौकी में बालमृत्यु दर बहुत ज्यादा…

6 years ago
रोपणी के खेत से जीतू को हर ले गयी आंछरियांरोपणी के खेत से जीतू को हर ले गयी आंछरियां

रोपणी के खेत से जीतू को हर ले गयी आंछरियां

इन दिनों पहाड़ के गांवों के खेतों में रोपाई अर्थात रोपणी की जा रही है. अषाढ़ के महीने की छः…

6 years ago
नंदा देवी की मान्यताएं, इतिहास और नंदा देवी मेलानंदा देवी की मान्यताएं, इतिहास और नंदा देवी मेला

नंदा देवी की मान्यताएं, इतिहास और नंदा देवी मेला

शायद ही किसी पर्वत से देशवासियों का इतना जीवन्त रिश्ता हो जितना नंदादेवी से उत्तराखंड क्षेत्र के लोगों का है.…

6 years ago
कालसिण और छुरमल देवता के मंदिर आमने-सामने क्यों होते हैं?कालसिण और छुरमल देवता के मंदिर आमने-सामने क्यों होते हैं?

कालसिण और छुरमल देवता के मंदिर आमने-सामने क्यों होते हैं?

उत्तराखंड की सोर घाटी और कत्यूर घाटी में छुरमल बहुत से गांवों के इष्टदेव हैं. छुरमल के पिता का नाम…

6 years ago
छुरमल देवता की कथाछुरमल देवता की कथा

छुरमल देवता की कथा

लोकदेवता छुरमल को सोर-पिथौरागढ़ के उत्तरी क्षेत्रों में पूजा जाता है. लोकपरम्परा के अनुसार छुरमल के पिता का नाम कालसिण…

6 years ago