प्रेमचंद

‘पूस की रात’ दर्द और दोस्ती की कहानी‘पूस की रात’ दर्द और दोस्ती की कहानी

‘पूस की रात’ दर्द और दोस्ती की कहानी

हल्कू ने आकर स्त्री से कहा- सहना आया है, लाओ, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला…

3 years ago
भारतीय किसान गोदान के ‘होरी’ से आज कितने बेहतर हैं?भारतीय किसान गोदान के ‘होरी’ से आज कितने बेहतर हैं?

भारतीय किसान गोदान के ‘होरी’ से आज कितने बेहतर हैं?

मुंशी प्रेमचंद जयंती (31 जुलाई) पर विशेष Remembering Munshi Prem Chand on his Anniversary वर्तमान परिदृश्य में यदि नीति- नियन्ताओं…

5 years ago
“प्रेमचंद और रेणु से बड़ी प्रतिभा थे शैलेश मटियानी” – राजेन्द्र यादव“प्रेमचंद और रेणु से बड़ी प्रतिभा थे शैलेश मटियानी” – राजेन्द्र यादव

“प्रेमचंद और रेणु से बड़ी प्रतिभा थे शैलेश मटियानी” – राजेन्द्र यादव

हम सब जानते हैं कि उनकी शिक्षा नहीं हुई थी. मैट्रिक का इम्तहान वे नहीं दे पाए थे. पहाड़ की…

5 years ago
‘प्रेमचंद घर में’ – पुण्यतिथि विशेष‘प्रेमचंद घर में’ – पुण्यतिथि विशेष

‘प्रेमचंद घर में’ – पुण्यतिथि विशेष

आज प्रेमचंद पुण्यतिथि के अवसर पर पढ़िये 'प्रेमचंद घर ' में का एक अंश : मैं गाती थी, वह रोते…

5 years ago
माँ शिवरानी देवी, प्रेमचंद और सास सुभद्रा कुमारी चौहानमाँ शिवरानी देवी, प्रेमचंद और सास सुभद्रा कुमारी चौहान

माँ शिवरानी देवी, प्रेमचंद और सास सुभद्रा कुमारी चौहान

इस पोस्ट को पिछली पोस्ट के क्रम में पढ़िए. पिछली पोस्ट का लिंक: पचास साल पहले इलाहाबाद में कथाकार अशोक…

6 years ago
पचास साल पहले इलाहाबाद में कथाकार अशोक कंडवाल के साथ: प्रेमचंद और उनके बेटे की स्मृतियांपचास साल पहले इलाहाबाद में कथाकार अशोक कंडवाल के साथ: प्रेमचंद और उनके बेटे की स्मृतियां

पचास साल पहले इलाहाबाद में कथाकार अशोक कंडवाल के साथ: प्रेमचंद और उनके बेटे की स्मृतियां

अपनी जिंदगी के किसी पुराने टुकड़े को एकदम जीवंत रूप में देखना कितना रोमांचकारी होता है, इसका अहसास मुझे कुछ…

6 years ago