तारा चन्द्र त्रिपाठी

बोली ही तो हमारी पहचान हैबोली ही तो हमारी पहचान है

बोली ही तो हमारी पहचान है

कभी­-कभी, जब, में पेट की भाषाओं के दबाव तले दम तोड़ती भाषाओं के बारे में चिन्तन करता हूँ तो मुझे…

3 years ago
जिन्दगी में तीन सम्बन्ध कभी नहीं मिटतेजिन्दगी में तीन सम्बन्ध कभी नहीं मिटते

जिन्दगी में तीन सम्बन्ध कभी नहीं मिटते

17 जुलाई, 1969 को ठीक पचास साल पहले, आज ही के दिन. Tara Chandra Tripathi Memoir by Batrohi डिग्री कॉलेज…

5 years ago
उत्तराखंड के कालिदास शेरदाउत्तराखंड के कालिदास शेरदा

उत्तराखंड के कालिदास शेरदा

शेरदा चले गये. मेरा उनका वर्षों साथ रहा. सचमुच वे अनपढ़ थे. यदि अनपढ़ नहीं होते तो इतनी ताजी उपमाएँ…

5 years ago
बचपन में देखा हुआ एक स्वप्न है मेरा एड़द्योबचपन में देखा हुआ एक स्वप्न है मेरा एड़द्यो

बचपन में देखा हुआ एक स्वप्न है मेरा एड़द्यो

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में मछखाली और सोमश्वर के बीच लगभग सात हजार फीट ऊँची पर्वतश्रेणी एड़द्यो कहलाती है. इस…

5 years ago
मेरा गांव मझेड़ामेरा गांव मझेड़ा

मेरा गांव मझेड़ा

लौह अयस्क से परिपूर्ण एक पहाड़ी और उसकी सीमा रेखा बनाती दो नदियाँ- खैरना और कोशी. एक उत्तरवाहिनी तो दूसरी…

6 years ago