सिनेमा

कभी अल्मोड़ा में उदय शंकर की नृत्य मंडली में थे हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत

उन दिनों उत्तराखंड का अल्मोड़ा शहर बहुत फैला हुआ नहीं था. आबादी भी कम थी. यही कोई 35 हजार से कुछ ज्यादा. वर्ष 1568 में अल्मोड़ा शहर बना. कुमाऊं डिविजन का यह शहर अब भी उतना ही खूबसूरत है, जितना पहले था. हसीन वादियों और पहाड़ों से आच्छादित.
(Sumitranandan Pant & Uday Shankar)

उदय शंकर पहली दफा वर्ष 1934 के आसपास अल्मोड़ा पहुंचे थे. तभी अल्मोड़ा के खूबसूरत वातावरण ने उन्हें आकर्षित कर लिया था. यहां पहुंचने से बहुत पहले से वे शास्त्रीय नृत्य-संगीत में पारंगत थे. वर्ष 1938 में जब दोबारा उदय शंकर अल्मोड़ा आए, तो अपनी नृत्य मंडली की स्थापना यहां की. इस नृत्य मंडली का नाम था- उदय शंकर कल्चरल सेंटर. बहुत कम लोगों को पता है 1941 में हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत भी उदय शंकर की इस डांस टीम का हिस्सा बन गए‌ थे.‌

उस समय‌ तक उदय शंकर और अमला शंकर की शादी नहीं हुई थी. दोनों में दोस्ती थी और यह दोस्ती वर्ष 1942 में शादी में तब्दील हुई. हालांकि, शादी वर्ष 1939 में ही तय हो गई थी. तब अमला चैन्नई में ठहरी थी. पूरा नाम था तब अमला नंदी. बाद में बनीं अमला शंकर. उदय शंकर का भी कभी पूरा नाम था उदय शंकर चौधरी. उदय के पिता बैरिस्टर थे और उदयपुर के महाराजा के यहां नौकरी करते थे. उदय शंकर को अपने नाम के साथ ‘चौधरी’ जोड़ना नागवार लगता था. इस तरह, वे उदय शंकर चौधरी से उदय शंकर बन गए.

उदय शंकर और अमला नंदी से सुमित्रानंदन पंत का नजदीकी रिश्ता बन गया था. तब इस नृत्य मंडली में जोहरा सहगल, उनकी बहन उजरा भट्ट,‌ फ्रेंच डांसर सिमकी और शांति वर्धन भी शामिल थी. बहुत बाद में गायक किशोर कुमार की पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता भी उदय शंकर की इस डांस टीम में शामिल हुई. उदय‌ शंकर, ममता शंकर, जोहरा सहगल, रूमा गुहा ठाकुरता के संग रोज का उठना-बैठना था कवि सुमित्रानंदन पंत का. कहते हैं कि भारतीय नृत्य शास्त्र की सुमित्रानंदन पंत को अच्छी समझ थी. वे अच्छे डांसर भी थे. इन सबके बीच पंत जी की घनिष्ठता का एक राज यह भी था.
(Sumitranandan Pant & Uday Shankar)

हरिवंशराय बच्चन और दिनकर के साथ सुमित्रानंदन पन्त.

उदय शंकर की पैदाइश 8 दिसंबर, 1900 को राजस्थान के उदयपुर में हुई थी. उदय शंकर की पत्नी अमला शंकर का जन्म 27 जून, 1919 को बांग्लादेश के जसोर में हुआ था. अपनी हिंदी कविता के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई, 1900 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के कौसानी में हुआ. और जोहरा सहगल की पैदाइश उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में 27 अप्रैल, 1912 को हुई. इनमें सबसे छोटी जोहरा सहगल ही थीं. तब उनका पूरा नाम हुआ करता था जोहरा मुमताज सहगल.

सुमित्रानंदन पंत के साथ दिक्कतें ही दिक्कतें थीं. पंत जी के जन्म के करीब छह घंटे बाद उनकी मां गुजर चुकी थी. पिता ने उन्हें पाला था. सुमित्रानंदन पंत के पिता अल्मोड़ा के एक चाय बागान में मैनेजर थे.‌ बहुत बाद में यानी वर्ष ‌1918 में पंत जी बनारस पहुंचे और वहां के क्वींस कालेज में दाखिला लिया. इसी समय पंत जी के हाथ रवींद्रनाथ टैगोर की कविताएं लगीं और कविता उनके भीतर गहरे आकार लेने लगी. इस तरह, हिंदी ने एक बेहतरीन कवि को पाया. आज जिस आकाशवाणी का नाम ‘आकाशवाणी’ है, यह सुमित्रानंदन पंत का ही दिया हुआ है. अमिताभ बच्चन का नाम भी पंत जी का रखा हुआ है.
(Sumitranandan Pant & Uday Shankar)

उदय शंकर और सुमित्रानंदन पंत गुजरे भी तो वर्ष 1977 में. इसे संयोग ही कहा जाएगा. उदय शंकर वर्ष 26 सितंबर, 1977 को गुजरे और सुमित्रानंदन पंत 28 दिसंबर, 1977 को. जन्मे भी दोनों वर्ष 1900 में.  सुमित्रानंदन पंत, उम्र में उदय‌ शंकर से कुछ माह बड़े थे. जोहरा सहगल जन्मी थीं 27 अप्रैल, 1912 को और गुजरीं 10 जुलाई, 2014 में. अमला शंकर अभी कल यानी 24 जुलाई, 2020 को गुजरी हैं. अब ये चारों नहीं हैं. न नृत्य गुरु उदय शंकर, न कवि सुमित्रानंदन पंत, न जोहरा सहगल और न अमला शंकर ही. एक तथ्य यह भी है कि उदय शंकर की उस नृत्य मंडली में अभिनेता गुरुदत्त और सरोद वादक अली अकबर खां भी थे. इन सबको संगीत की बेहतरीन जानकारी थी. यह भी एक दस्तावेज और इतिहास है. अपने हिंदुस्तानी संगीत और शास्त्र की !

उदय शंकर, अमला शंकर और जोहरा सहगल का कभी फिल्मों से भी वास्ता था. सुमित्रानंदन पंत भी कभी बंबई में फिल्म-लेखन में हाथ आजमाने गए थे. उदय और अमला फिल्म ‘कल्पना’ में थे, जिसका निर्देशन उदय शंकर ने ही किया था. वर्ष 1948 में बनी इस फिल्म में अमला शंकर ने ‘उमा’ का किरदार निभाया था. कान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इस फिल्म की खूब सराहना हुई थी. जोहरा सहगल ने चेतन आनंद की फिल्म ‘नीचा नगर’ में अभिनय किया था. अभिनेत्री कामिनी कौशल भी इस फिल्म में थीं. 122 मिनट की इस फिल्म का संगीत पंडित रविशंकर ने दिया था. ‘नीचा नगर’ वह पहली भारतीय फिल्म है, जो उस जमाने में कान अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में दिखाई और सराही गई थी. ‘नीचा नगर’ में जोहरा सहगल ने भाभी का रोल किया था.

और अपने हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत. वे गीत लिखने बंबई गए थे. कामयाब नहीं हुए लेकिन गायक किशोर कुमार और उनकी पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता के बीच परिचय कराने वाले सुमित्रानंदन पंत ही थे. सुमित्रानंदन पंत, रूमा गुहा ठाकुरता को अल्मोड़ा में उदय शंकर की नृत्य मंडली से जानते थे. रूमा दी के सहारे ही पंत जी बंबई भी पहुंचे थे. अब न किशोर कुमार हैं, न रूमा गुहा ठाकुरता और न हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत.
(Sumitranandan Pant & Uday Shankar)

जयनारायण प्रसाद

कोलकाता में रहने वाले जयनारायण प्रसाद का जन्म 2 जनवरी, 1961 को हुआ. कलकत्ता विश्वविद्यालय में सिनेमा छात्र रहे जयनारायण प्रसाद अभिनेता शम्मी कपूर, आशा पारेख, गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी स लेकर नसीरुद्दीन शाह,‌ शबाना आजमी, श्याम बेनेगल समेत तमाम बड़ी हस्तियों के इंटरव्यू किये हैं. हिंदी दैनिक ‘जनसत्ता’, कोलकाता से सालभर पहले रिटायर जयनारायण प्रसाद ने गौतम घोष की राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बांग्ला फिल्म ‘शंखचिल’ में अभिनय भी किया है. जल्द ही फिल्मकार मृणाल सेन और उनकी फिल्मों पर जयनारायण की एक किताब आने वाली है.  

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