फोटो : मयंक आर्या
पिरमूका दस्तनि स्वेर हाली. चारै दिन में पट्टै रै गयी. भ्यार भितेर जाण में घुनन में हाथ धरनयी. दास बिगाड़नि में के देर न लागनि. पोरू नानतिनन मांसाक बेड़ी र्वाट बणाई भा. पिरमूकाक मासाक बेडी र्वाट जै है गै त त्यारै है जनेर भै. उभणि लै घ्यू दगड़ि चार-पांच र्वाट पालछ्यो धरि देई उनलि. कम हरौ कूणै है जस पछिल बै एक गिलास गरम दूद पी दे. बस जोडै मिलि गै. अधरात बटीक पेट घड़घड़ाट कण फैगै. पिरमूकाक भ्यार जानजान बिडौव है गयी. पैली त खुशि हयी भा, चलो य बहानलि पेट साफ है जाल कै. पर जब सरासर भ्यार जाण पड़ौ त आब परस्त पड़ि गयी. तब बटी आज चार-पांच दिन है गयी दस्त लागीये छन. कदुक घरेलू दवाई-पुड़ी करि हाली, कदुक गणतै-पूछ करि हालै पैं के फरक जस न हुनै. पिरमू राठन बिश्वास छ य जरूर द्याप्तनकि करामात होलि. बेली चेलि-जमै लै भेट-घाट कण है आ रैयी. बाट में अस्पताल बटीक दस्तनकि दवाई लै ला रैयी. पिरमूका कुनयी-अँ ऑफ त स्यात गोईन के न हुन. त अस्पताल वालनाक ख्वार पीड भयी तै गोयी भा, कती चोट लागी तसै गोई भा. के हुना त सफेद गोईन. जब चेलि-जमैन जबरदस्ती उनन एक खुराक खवै, उथलि बटिक जै थ्वाड बीसकि उन्नीस चिताई रै. पै पिरमूकाक कैं भैम हरौ य सब द्याप्तै नकि वीलि हरौ. येकै वीलि उनलि आज जागकि ठरया राखै.
(Story in Kumaoni Language)
जाग लगूण हैं उड्यारक रामदत छन. डंङरी पाराक भीड़ाक जीवानंद छन. धामी-डंङरी सयाण छन. जीवानंद आंङ भल द्याप्त वूं.रामदत ओड़क काम लै जाणनी. दिए भरि कुड़ि चिणनी, रात हैं जाग लगूण भै. एक दिनकि लै छूट नहां. कभणी-कभणी द्वि-द्वि, तीन-तीन जाग लै है जानी. जै वां न जना वी नक मानू. मैस लै आशिल कुनेर भा. दुख-सुख में मैसै काम लागनेर भै. सीपि आदिम सबनै कैं चैन हुं. य सीपक वीलि उनार लै भलि चौल हरूं. आपण-आपण गुजार भै. रामदत बिचार खर-सांच आदिम छ. यास आदिम कैं रीस लै इस्यात आ जैं.
जीवानंद बिचारनाक खाण हैं किटकाटि हैई गयी. आब पैलियक जस नाज लै न हुन. जंगलक उज्याड़ बांकि लागि गो. परिवार भयी, येक वीलि नाजाक ग्याड़ द्वि मैहण लै न पूजन.
ब्याल हैं जागकि तैयारी हैगै. रामदत हुड़ुक गाड़ि बेर तैयार छन. उनार बौं ढीक लै थाई बजूण हैं मदन बैठि रौ. दैण तरफ हैं भाग लगूण हैं बिशन, गोपी छन. सामणि में दुलैंच में जीवानंद ज्यू घुनघुनी धोति पैर बेर बैठी छन. दाण तरफै अक्षत बभूतकि थाई धरी छ. भितेर एक क्वाड़ लै द्यप्तनक नाम पर द्वि जगै राखौ. जाग् देखण हैं पिरमूकाक जमै,रमू हौल्दार, प्रताप बू, लछी का, शक्ति का, मथुर दा गुसैं पधानक अलावा नान छ्वार-म्वार सौ-स्यैणिन भितेर ठसम ठेल हरौ. कम हरौ कूणै जै मैसनक बीच में खुटन में मुनि धरि बेर बसु कुकुर लै पड़ि रौ. बसू कुकुर पिरमू काक राठनक भौत पुराण कुकुर छ. कै कैं काटन नै. सब मैस भल माननी. थ्वाड देर में नंदू सेठ लै पूजि जानी. कुल मिलाबेर भितेर मैसौन गिरदम हरौ. द्वि-चार हाथ डंङरीयाक औतरणी हैं धरि राखौ. जीवानंद नंदू सेठ छैं हाथलि इशार करिबेर कूनी-आओ सेठ ज्यू! य पै ला लधार लागि रौला, तुमनि दगड़ि द्वि फसक लै छन. नंदू सेठ जीवानंद ढीक लै लधार लागि जानी. द्विनाकै पैलाग-आशीर्वाद हुं. आशल-कुशल हुं. वां रामदत जाग लगूण कि तैयारी कण फै जानी. तुम-तुम-तुम:::दै रे भगवाना सांसकि संध्या झुलि रै, अगर कपूरकि सुगंधी चलि रै, तै बखताक बीच में तुमरि आरती हुण लागि रै हो $$$भगार लै भाग लगूनी हा $$$$आ. हुड़ुक लै बाजूं तुम तुक्की तुम तुम $$ मदन थाई बजूं टन टनणी टन टन $$ टन टनणी टन टन कै. यां जीवानंद ज्यूनाक नंदू सेठ दगड़ि दुखौल लागि रूनी.
(Story in Kumaoni Language)
जीवानंद—य हो सेठ ज्यू! यैल साल बड़ी दुरदाश ऐ. गाड़न बटिक मैहण दिन खाण हैं लै नाज न भै. मणी ग्याड़ हुछी न हुछी त बराह गोठ बजर पड़ौ. सब मानिबेर पालछ्यौ धरि देई.
नंदू सेठ—होय गुरू! त सही क तुमनि. य बड़ खराब रोग लागौ साल. हमार लै मस्त नुकसान करि दे तैलि. य दुशमणलि गौंकुमाउनी कहानि–जागकुमाउनी कहानि—जागगौं उजाड़ि हाली. ये वीलि त मैसनक खेति कण हैं मन नहां.
जीवानंद—सेठ ज्यू!आब बखत निकावण भौत मुश्किल हैगो. नानतिन धो पावण है गयी. यसै हाल म्यार लै है गयी. नानतिननक खाण हैं के नहां. मैंकैं तुम दस-बार नाई मडू देला.
नंदू सेठ—य हो गुरू!य बी टैम में कुनेर भया. फसल हुणी टैम में ल्ही जाणीनक ग्वेर लागी भै. यैल साल सबनकी फसल मामूली भै.आब न भै गुरू नक जन मानिया.
उनार तस कूण में जीवानंद बिचार कैल जस है जानी. कूनी—न हो सेठ ज्यू तस न कवो मैलि तुमरी आश करि राखै. मै लै पैली यथकै-उथकै काम में रैयी. बांकि न लै हुनत सात-आठ नाइ तब लै करि दिओ.
नंदू सेठ—य हो गुरू! मै के न कै सकनी. धैं पैं घर नानतिनन छैं घर पुछन. जदुक लै होल पै भोव रतै हैं आया. उनार तस कूण में जीवानंद ज्यू असमान में पूजि जानी. कूनी- दै जी रैया सेठ ज्यू! तुमार नानतिन जी रून. मै भोव राती ब्याण ऐ पूजी. य फसकन में डंङरीयाक जागाक तरफ बै के ध्यान न भै. वां रामदताक हुड़ुक बज्यून-बज्यून हाथ पटाणी भा. औसाण दिण-दिण गव तणीणी भै. पैं डंङरी कैं के टसन मस. जब ध्यान हुन. भगारनकि लै हा हा $$कै भाग लगूण खाली हयी भै.
रामदत कैं मणी-मणी कै आब रीस लै वूण फैगै आब. रीस वूणकि जुगुतै हयी भै. रामदत मन मनै कुनयी-हौर बखतै जीबू हुड़ुक में चोट मान सैतै फटक मारि दीछ्यू, आज किहैं बणि रौ इतण ठुल? उनलि हुड़ुक थामि बेर जोरलि कै-किलै हो? के हरौ य?फसकनै में रूंछा रातभरि? औतरण नहां के? न औतरना आफी रौल, मै लै घर हैं जांछूं. रामदत क भाग हौरन लै लगा. ठीक कुनयी रामदत ज्यू. तनार जै बर्षकि लागि रै हुनेली ततणी काथ? सेठ ज्यू कै लै नहां सैत जागकि फाम. उनार तस कूण में जीवानंद कैल है जानी. कूनी-ठीक कुनाछा हो. कथपाक फसक लागि पड़ी. यथकै ध्यान न भै. यार रमी आजि हाण हो हुड़ुक में द्वि चोट. त्यार कूण ठीक छ यार.रीस वूणक कामै भै. रमू हौल्दार लि लै कै-के बात न भै हाइ गुरू. तस लै है जां कधली. फिरि एक फूक बीडि में मारिबेर भीमै घोसि दी.
रामदत लि फिरि लगै हालि तुम तुक्की तुम तुम. दै रे भगवाना तै बखताक बीच में त्वील घसारनक घा थामि देछ्यू. पनेरनक पाणि. तेरि द्वि नावकि मुरूलिक सोर सुणिबेर बणाक जानवर बणै रै गयी,चाड़-प्वाथ ठाड़ै रै गयी. बौड़ि—चेली त्वेकै चाइये रै गयी हो $$$दै रे भगवाना $$$आ आ$$ तुम तुक्की तुम तुम $$$.मदन थाई बज्यूना टन टनणी टनटन, टन टनणी टन टन कै. आब ड॔ङरी आपण आसन में कामण फैगा. उनार कामण में पछिल बटिक बसू कुकुरलि ग्वां ग्वां लगाई भै. तब शक्तिकालि सरूलि काखि छै कै—त कुकुर कै भ्यार है ख्यतनी कन, कस लगै ल्ही रौ ग्वां ग्वां. कती ड॔ङरी कैं लै जा लागल. उसीकै जाग देर में लागनै. सरूलि काखिल कै के न करन हाई य खाली करि भड़ीना. हड़ि-हड़ि के जन करिये रे बसू. थ्वाड देर में जसै ड॔ङरियली आसन बटीक फटक मारी, उसै पछिल बटिक बसू कुकुर लि लै फटक मारि हालि जीवानंदाक कमर पन. बसुवलि कमरपन खोशी धोतिक टुक कैं तलीकै स्वैर हाल. मणी जीवानंद ज्यून धोति सारि कै बादी भै, नतरी मूख देखूण बाट न हुछ्यू. सबै मैसनक हकाहाक हैगै हड़ि-हड़ि, भड़ी जाए तू कुकुर भड़यूणहाण. ड॔ङरी ठड़ी गा. तब रमू हौल्दार लि बसुवकि गरदन पकड़ि बेर फ्यार खीति हाल. जीवानंद बिचारन कैं भ्यार-भितेर द्विये जाग कंबै पड़ी भै. मन-मनै कनै य भड़यूहाणलि आज म्यार कतणि इंसल्ट करि हाछि. पती रैगै मणी मैनि धोति सारी कै बादि राखछि. बसुवाक तस कण में नान छ्वार-म्वार गुलैरी भा. पैं जब पधानलि जोरलि नड़क छाड़ै तसिक द्यप्तकि हंसि न करन रे, तब जै बेर मणी चुप रैयी. वां पिरमूका राठ सोचनै हमार भागिये में बिलुक लागि रौ. पैंली डंङरिये न औतर, फिरि मणी द्याप्त वूंछी न वूंछ्यू त बसू कुकुरक मरौ. कभै तैलि तस न करछ्यू.
(Story in Kumaoni Language)
थ्वाड देर में धामील फिरि औसाण दी हाल. जीवानंद ज्यं डरन-डरनै फिरि नाचण फैगा. भ्यार खावकि भीड़ि बटिक बसुवलि ग्वां ग्वां लगाई भै. उनन औतरण बखत छ्यू, छ्यू कूणकि आदत भै. यैल सरासर भ्यार हैं चानै, नाचन-नाचनै उनलि हड़ि-हड़ि, छ्यू-छ्यू लगाई भै. यसीकै उनलि द्वि चार फ्यार लगै हाल. फिरि अक्षतकि थाई पकड़ि बेर बोल बचन कण फैगा. देख रे गुरू! पैं मै सौकारकि जाग कै मंजूर करि गयीं, रोग शोक दूर करि गयी. रामदत धामील कै—ईश्वरौ,भगवाना हम नर बनर भयां,हमरि गलती कै माफ करि दिया, य जाग कैं मंजूर करि दिया. फिरि डंङरियेलि पिरमू काक कपाव में अक्षत भभूतक टीक लगै. एक फरैक नाचि बेर बैठि गा. धामी हुड़ुक बज्यूणै में भै. कां जै पिरमूकालि ठारी भै धै को द्याप्त निकवू कै पै आज जागै न सपड़ि. उनन यसै सोच पड़ी भा. निराश जास हयी भा. यदुक में ह्वाड़चै ह्वाड़चै कुनै पिरमूकाक जमैलि फटक मारि हालि. जमै आङ नौताड़ आगै. थ्वाड नाचि बेर बभूतकि थाई पकड़ि हालि, सौरज्यूक कपाव में बिन्द टेकि हाल. देख रे सौकार देख पैं तू यैल बटिक तलि-मलि प्यटक पाणि जन हलकाये. मै त्यर रोग कै दूर करि गयी. फिरि धामीक कपाव लै बिन्द लगै बेर कै—देख गुरू!देख पैं,तू लै याद करलै एक भूत औतरौ कि द्याप्त औतरौ कै. वां जमैक बोल -बचन सुणिबेर सबै मैसन हंसि आई भै. कैली आपणि हंसि थामी भै क्वे खित-खित कै हसनै.रामदत लि हंसि थामि बेर कै-ईश्वरौ,भगवाना! तस जै तू करलै हमरि लिजी बद्रीनाथ-केदारनाथ भये. दैण है जाये तू. थ्वाड देर में जमै घरी गै.
सांची में जे काव भै हुनेलि उ रात बटिक पिरमूकाक दस्त भाल हैगा. पतै न उनार जमैक बोल बचनाक फल छी भलै या दवाइनाक फल.
(Story in Kumaoni Language)
सेवानिवृत्त शिक्षक खुशाल सिंह खनी ग्राम-नैनी (जागेश्वर) अल्मोड़ा के रहने वाले हैं. हिन्दी बाल कहानी संग्रह ‘मछली जल की रानी है’ और कुमाऊनी कहानी संग्रह ‘त्यर बुलाण’ प्रकाशित हो चुके हैं. कई पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित होती रही हैं.
हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online
-काफल ट्री फाउंडेशन
Support Kafal Tree
.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
Magyar Online Casino a legjobb ügyfélszolgálattal és támogatással ▶️ JÁTSZANI Содержимое Magyar Online Casino a…
Казино Sultan Games в Казахстане - Удобный вход и безопасная игра ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Удобство…
Казино онлайн 2026 - самые перспективные площадки для любителей азартных игр ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Лучшие…
NV Casino Online - Boni und Sonderaktionen ▶️ SPIELEN Содержимое Willkommenspaket: 100% bis 500 EuroSonderaktionen:…
Пин Ап Казино Официальный Сайт - Играть в Онлайн Казино Pin Up ▶️ ИГРАТЬ Содержимое…
Roobet Casino En Ligne pour la France - Sélection de jeux et fournisseurs de logiciels…