आखिर सरकार निकाय चुनाव को हुई तैयार, 18 को होगा मतदान

उत्तराखंड सरकार ने पांच महीने पहले खत्म हो चुके निकायों के कार्यकाल पर चुप्पी साध ली थी. फोकस लोकसभा चुनाव पर कर दिया था. हाई कोर्ट ने जब सख्ती से सरकार को निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए, तो फिर सरकार की नींद खुली. अब सक्रियता बढ़ गई है. मुख्यमंत्री स्तर से लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर बैठकों का दौर बढ़ गया है. उम्मीद है कि अब चुनाव हो जाएंगे. हालांकि सरकार ने रविवार की रात अधिसूचना भी जारी कर दी थी. सोमवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 नवम्बर को मतदान की तिथि भी घोषित कर दी है. सुबह 8 बजे से शाम को 5 बजे तक मतदान होगा.

सरकार ने प्रथम चरण के चुनाव के लिए 92 में से 84 निकायों में महापौर, अध्यक्ष व सभासद पदों के आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी. आठ नगर निगमों में से रुड़की को छोड़ सात में चुनाव होना है, जिनके महापौर और पार्षद पदों के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसके अलावा दो नगर पालिकाओं और चार नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के आरक्षण में बदलाव किया गया है.

कुछ नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में सभासदों के आरक्षण में मामूली फेरबदल किया गया है. वहीं, शासन ने 84 निकायों के आरक्षण की अधिसूचना जारी करने की सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को दे दी है। माना जा रहा है कि आयोग जल्द हीे निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर देगा.

प्रदेश की 92 नगर निकायों का कार्यकाल इस साल मार्च में खत्म होने के बाद इन्हें छह माह के लिए प्रशासकों के हवाले कर दिया गया था। इस बीच निकायों में सीमा विस्तार, आरक्षण जैसे मसलों को लेकर अदालत में मामले चले। इनका निस्तारण होने पर अब कोर्ट ने चुनाव कराने के आदेश दिए हैं.

इस कड़ी में सरकार ने 84 निकायों में चुनाव के लिए कवायद पूरी कर ली है. इनमें प्रथम चरण में 15 नवंबर को चुनाव संभावित है, जबकि नगर निगम रुड़की, नगर पालिका परिषद श्रीनगर व बाजपुर में प्रक्रिया पूरी होने में लग रहे वक्त के मद्देनजर इन तीनों में बाद में चुनाव कराए जाएंगे.

सेलाकुई व भतरौंजखान नगर पंचायतों के मामले में कानूनी पेच फंसा हुआ है. इस बीच रविवार को विभागीय मंत्री मदन कौशिक से अनुमोदन मिलने के बाद शासन ने 84 निकायों में महापौर, अध्यक्ष व पार्षद-सभासद पदों के लिए आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी.

सरकार ने एक बार पहले अपैल और मई में अधिसूचना जारी की थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद इन पदों के लिए दोबारा आपत्तियां व सुझाव मांगे थे. अब फिर से इनकी अधिसूचना जारी की गई है. जिन सात नगर निगमों में चुनाव होना है, वहां महापौर व पार्षद पदों के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ है. नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर में अध्यक्ष पद को महिला से सामान्य किया गया है, जबकि महुआखेड़ा में यह पद सामान्य से महिला आरक्षित किया गया है.

नगर पंचायत पुरोला में अब अध्यक्ष की सीट ओबीसी, कालाढूंगी व कपकोट में सामान्य और गूलरभोज में सामान्य से महिला आरक्षित की गई है. नगर पालिका व पंचायतों में अध्यक्ष पदों पर अन्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है. कुछेक नगर पालिका परिषदों व पंचायतों में सभासद पदों में मामूली फेरबदल किया गया है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्र शेखर भट्ट ने बताया कि मतदान प्रक्रिया 18 नवंबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगी. जिलाधिकारी 16 अक्टूबर को सभी जिलों में चुनाव की अधिसूचना जारी करेंगे. निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे. इससे पहले भट्ट ने सभी जिलाधिकारियो को विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मतदान की तैयारी को लेकर निर्देश दिए.

देखे चुनाव कार्यक्रम

20 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलेगी नामांकन प्रक्रिया.
25 और 26 अक्टूबर को होगी नामांकन पत्रों की जांच.
27 अक्टूबर को नाम वापसी.
29 अक्टूबर को होगा चुनाव चिह्न का आंवटन.
18 नवम्बर को होगा मतदान
20 नवम्बर को होगी मतगणना.

मेयर पदों पर आरक्षण

नगर निगम— आरक्षण
देहरादून—अनारक्षित
हल्द्वानी—अनारक्षित
ऋषिकेश—हिला
हरिद्वार—महिला
कोटद्वार—महिला
काशीपुर—पिछड़ी जाति
रुद्रपुर—-अनुसूचित जाति

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

6 days ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

7 days ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

1 week ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

1 month ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

1 month ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

1 month ago