Featured

प्रकाश पन्त के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन पिथौरागढ़ में इन जगहों पर कर सकते हैं

आज दिनांक 8 मई को दिवंगत प्रकाश पन्त का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर पिथौरागढ़ लाया जा रहा है. सुबह साढ़े नौ बजे तक प्रकाश पन्त का पार्थिव शरीर नैनी-सैनी हवाई पट्टी पहुंचने की उम्मीद है.

प्रकाश पन्त के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन देहरादून में सुबह 8 से 9 के बीच जॉलीग्रांट हवाई अड्डे के पास एस.डी.आर.एफ भवन में किया जा सकता है. पिथौरागढ़ में अंतिम दर्शन देवसिंह मैदान, भाजपा जिला कार्यालय संपूर्णानंद पार्क घंटाकरण, पन्त निवास खड़कोट में किये जा सकते हैं. पन्त का अंतिम संस्कार दोपहर दो बजे रामेश्वर घाट पिथौरागढ़ में होगा.

प्रकाश पन्त की शवयात्रा में भारी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है इसी कारण पिथौरागढ़ पुलिस ने यातायात रूट बदले हैं. आज के दिन पिथौरागढ़ में यातायात संबंधी बदलाव को लेकर पिथौरागढ़ पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर निम्न पोस्ट की है –

दिनाँक 08-06-2019 को दिवंगत माननीय वित्त मंत्री प्रकाश पंत जी की शव यात्रा के दौरान जनपद मुख्यालय पिथौरागढ़ में यातायात रुट प्लान निम्नवत निर्धारित किया गया है. अतः आप सभी से निवेदन है कि निम्न यातायात प्लान के अनुसार ही अपने वाहनों को सड़क पर लाएं-

01- चंडाक रोड के समस्त वाहन वरदानी माता मंदिर-पौण-जीआईसी-अपटेक तिराहा मार्ग का प्रयोग करेंगे.
02-बाजार से चंडाक की ओर जाने वाले वाहन भी उपरोक्त रुट से ही चंडाक जाएंगे.
03-अंतिम दर्शन के दौरान देव सिंह मैदान के पास की पार्किंग में कल कोई भी वाहन पार्क नहीं हो सकेगा.
04- अंतिम यात्रा के दौरान नैनी-सैनी,एपीएस,जाखनी तिराहा,तिलढुंगरी,वड्डा तिराहा, सिल्थाम घंटाकरण, खडकोट, नगरपालिका तिराहा, अपटेक तिराहा, गुप्ता तिराहा, विजडम तिराहा, ऐंचोली तक की सड़क में किसी भी प्रकार के वाहन का आवागमन पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा तथा उक्त पूरे मार्ग में किसी में साइड में पार्किंग प्रातः से ही प्रतिबंधित रहेगी.
अतः आप सभी से यह अनुरोध है कि उपरोक्त यातायात प्लान के आधार पर ही अपने वाहनों को सड़क पर निकालें.

प्रभारी मीडिया सैल
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पिथौरागढ़
दिनाँक-07-06-2019

– काफल ट्री डेस्क

वाट्सएप में पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान

उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई…

1 day ago

दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष

‘‘...हिमालय के दूर-दराज गाँव के अत्यंत विपन्न परिवार में जन्मा एक छात्र नोबेल विजेता भौतिकशास्त्री…

4 days ago

गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन

अल्मोड़ा के काफलीखान गांव के रवि टम्टा ने जब अपने बनाए फ्लाइंग व्हीकल "हापिडा स्काईनेक्स"…

7 days ago

लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में

उत्तराखंड के पहाड़ों में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक…

1 week ago

कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक

पिछली कड़ी : हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी कुमाऊं को विशिष्ट…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक

10 मार्च 2026 को ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड के वन मंत्री ने विधानसभा…

2 weeks ago