कॉलम

आँखों में काला मोतियाबिन्द ठहर गया लेकिन शहर से हवाई जहाज नहीं उड़ा

पिथौरागढ़ नैनीसैनी गाँव की एक आमा है जो एक ज़माने में गांव के लड़कों की काखि ( चाची ) हुआ करती थी. नैनीसैनी की उपजाऊ जमीन को हवाई पट्टी में बदलने के लिए जब पहली बार सरकार बहादुर गांव में आयी काखि उन लोगों में थी जिसने सबसे पहले अपने हिस्से की जमीन सरकार बहादुर को सौंपी थी उसके सपने में एक एयरपोर्ट था जिसमें उसके पोते को चल्ला मारने की नौकरी मिलने वाली थी. 25 साल बाद शायद ही गांव में काखि को काखि कहने वाला कोई बचा है आधे गांव की आमा और बचे आधे की बुडी आमा हो चुकी है काखि. आँखों में काला मोतियाबिन्द ठहर गया है लेकिन शहर से हवाई जिहाज नि उड़ा.

आमा के नाती ने जमीन के पैसों से इतनी शराब पी कि गिनती के बियर बार वाले पिथौरागढ़ में आज शायद ही कोई कोना बचा हो जहां बियर बार नहीं है. आज के दिन नाती गोवा के होटल में कुछ करता है इतना करता है कि दीवाली की छुट्टी में जुए में तीस हज़ार तक की बाजी खेल सकता है. कुकुरमुते की तरह उग आये किसी एक इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले आमा के नाती के बच्चे की फ़ीस अभी आमा की पिन्छिन ( पेंशन ) से ही जा रही है. फिलहाल भारत में बच्चे से बूढ़े की हर समस्या का समाधान देने वाला गूगल पिथौरागढ़ की फ्लाईट का उत्तर कुछ यों देता है.

बीते 8 अक्टूबर जब सरकार बहादुर के सैनिकों ने हरिया झंडा दिखाकर नैनीसैनी के लिए एक हजार एक सौ अट्ठारह वां सफल हवाई जहाज परीक्षण किया तो परीक्षणों से अब तक टोलि ( बहरापन ) हो चुकी आमा ने अपने नाती को फोन पर कहा

नाती जे करछे यो साल. दस हजारोक जुआ कम खेले लेकिन एक टिकट लि भेर जहाज में आ जा ये साल छुट्टी

( नाती जो करता है इस साल. दस हजार का जुआ कम खेल लेना लेकिन इस साल की छूट्टी पिथौरागढ़ जहाज से ही आना )

आज सोलह अक्टूबर है सरकार बहादुर के अनुसार 24 अक्टूबर से नियमित उड़ान भरी जानी है. भारत समेत बहामास द्वीप तक 1580 रुपये के टिकट की खबर हवा में उड़ रहा है लेकिन अब तक इस खबर से हर कोई बेखबर है कि टिकट मिलेगी कहाँ? क्योंकि 8 अक्टूबर के ट्रायल में हमेशा तरह एक बार फिर प्लेन के भीतर से माला पहने मंत्री और नेता के अलावा कोई नहीं निकला है.

आज के अखबारों में देहरादून से पिथौरागढ़ का तो पता नहीं पर देहरादून से अहमदाबाद की नियमित फ्लाईट का विज्ञापन जरुर आ गया है. इस बीच तमाम सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सरकार बहादुर के किसी करीबी ने नक़्शे समेत पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का वीडियो यूट्यूब में डाल दिया है. ख़ैर उम्मीद है कि आमा का नाती इस बार दीवाली में पिथौरागढ़ प्लेन की सीढियों से ही उतरेगा.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

Recent Posts

धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’

पिछली कड़ी : सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन संघर्षनामा का ये किस्सा आजादी…

10 hours ago

गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी

गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह…

3 days ago

देवदार या देव दारु

देवदार या देव दारुः देवों के वृक्ष मुख्य रूप से हिमालय मे लगभग डेढ़ हज़ार…

7 days ago

कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है

“कसारदेवी या अल्मोड़ा जैसी छोटी सी जगह में ऐसा क्या है जो दुनियाभर से लोगों…

7 days ago

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…

2 weeks ago

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

3 weeks ago