समाज

कनार गांव के भगवती मंदिर में मेले की ताजा तस्वीरें

पहाड़ों में पूर्णिमा के दिन अक्सर मेलों का आयोजन होता है. कल भी चतुर्दशी के दिन पिथौरागढ़ के कनार गांव में भगवती के मंदिर में मेले का आयोजन किया गया. Photos of Bhgwati Mandir kanar Village

कनार गाँव में मां भगवती कोकिला का विख्यात मंदिर है. समुद्र तल से छः हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस मंदिर में हर साल मंगसीर की चतुर्दशी के दिन एक भव्य मेले का आयोजन होता है.

मंदिर के संबंध में मान्यता है कि यहां आराधना करने से मां भगवती मनोकामना पूरी करती है. यहां महिलायें संतान प्राप्ति का भी वर मांगती हैं, ऐसा माना जाता है कि मां भगवती के आशीर्वाद से यहां संतान प्राप्ति का वर मिलता है. Photos of Bhgwati Mandir kanar Village

आज भी मेले में लोगों की भीड़ देखी जा सकती है जबकि इस मंदिर की सड़क से दूरी करीब 16 किमी है. यह 16 किमी की दूरी भी सीधी खड़ी चड़ाई की दूरी है.

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी सात गर्खे अपने अपने गांव के लोगों के साथ मंदिर परिसर में अपने-अपने गांव के वाद्य यंत्रों के साथ आये. मंदिर परिसर में रखा गया 12 धानी का दमुवा भी बजाया गया.

लोक वाद्य यंत्रों की ध्वनि के बीच मां कोकिला भगवती की आराधना की गयी. प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी अनेक श्रद्धालु रात भर मंदिर परिसर में ही रुके और पूरी रात सभी गर्खों के लोगों ने मिलकर मां भगवती की आराधना की.

देखिये इस वर्ष के मेले की तस्वीरें. सभी तस्वीरें प्रेम परिहार और धरम बिष्ट ने भेजी हैं. Photos of Bhgwati Mandir kanar Village

मेले के संबंधित पूरी जानकारी यहां पढ़ें : पिथौरागढ़ में कनार गांव के भगवती मंदिर में कल भव्य मेला

काफल ट्री के फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online

मूलरूप से पिथौरागढ़ के रहने वाले नरेन्द्र सिंह परिहार वर्तमान में जी. बी. पन्त नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालयन एनवायरमेंट एंड सस्टेनबल डेवलपमेंट में रिसर्चर हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से

हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक…

2 days ago

उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास

उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर…

2 days ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया…

6 days ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले…

6 days ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत…

6 days ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों…

6 days ago