“इस दुनिया में मैं कहीं भी जाऊं मुझे किताबों में डूबे लोग दीखते हैं. इस बात का कोई मतलब नहीं वे लोग अमीर हों, गरीब हों, बूढ़े हों या जवान – अपनी किताबों में मैंने उन्हें सुकून, आराम, सूचना, मनबहलाव और प्रेरणा पाते हुए देखा है. हमें शब्दों द्वारा छवियों का निर्माण किये जाने की तो आदत होती है पर इसका उल्टा यानी छवियों द्वारा शब्द का निर्माण होते हम कम देख पाते हैं.”
– स्टीव मैककरी
पढ़ते हुए लोगों पर विश्वविख्यात फ़ोटोग्राफ़र स्टीव मैककरी का शानदार फ़ोटो-निबंध-
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…
हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…
पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…
आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…
पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…
इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…