‘रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए…’ ज़िया जालंधरी की ग़ज़ल के इस मुखड़े को हक़ीक़त बनते देखना हो तो आएं ‘रमोलिया हाउस.’ यहाँ आपके लिए 10 युवा कलाकारों की शानदार पेंटिंग्स लगायी गयी हैं. उत्तराखण्ड के बेजोड़ कलाकारों की इस पेंटिंग एग्ज़िबिशन का नाम है ‘कलर्स ऑफ़ होप.’ तो आप भी उम्मीद के रंगों से सराबोर होने ज़रूर आएं. एग्ज़िबिशन हॉल ‘रमोलिया हाउस’ हल्द्वानी में कालाढूंगी चौराहे के पास केएमवीएन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंज़िल पर है, सरस बाज़ार के ठीक बगल में. एग्ज़िबिशन 31 मार्च से 31 अप्रैल तक सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी. पेश है इस एग्ज़िबिशन में लगायी जा रही पेंटिंग्स की झलकियाँ. (Painting Exhibition Ramolia House)
लोक भाषा के शब्दों का हूबहू अनुवाद थोड़ा मुश्किल है. फिर भी कुमाऊनी भाषा के प्रचलित शब्द रमोल का हिंदी अर्थ रौनक़ के बहुत क़रीब ठहरता है, जिसमें लोक रस भी है. माहौल में यह रौनक़ किसी भी वजह से हो सकती है. इस रमोल का हिस्सा हुए रमोलिया. यहीं से नाम आया ‘रमोलिया हाउस.’ ये हल्द्वानी में शुरू होने जा रहा ‘काफल’ ट्री का नया उपक्रम है, जो भविष्य में कला प्रेमियों का प्रिय अड्डा बनेगा ऐसी उम्मीद है. (Painting Exhibition Ramolia House)
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