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मासी जैसी छोटी सी पहाड़ी जगह में मैराथन – पहाड़ से एक और अलख

अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया ब्लॉक के तल्ला गेवाड़ में एक छोटी सी बसासत है मासी. रामगंगा नदी के पूर्वी किनारे पर अवस्थित इस सुदूर स्थान पर कल यानी 20 अक्टूबर 2019 को एक प्रेरक घटनाक्रम घटा. Masi Marathon a Rare Feat

यहाँ के मूल निवासी डॉ. कपिल गौड़ यहीं के राजकीय अस्पताल में चिकित्सक हैं. उनका परिवार कुछ पीढ़ियों से यहीं रहता आया है. Masi Marathon a Rare Feat

आज जब दुनिया भर के देशों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, हमारे देश में भी युवाओं का इस तरफ रुझान बढ़ना शुरू हुआ है. हाल के वर्षों में हमारे देश के तमाम छोटे-बड़े शहरों में मैराथन दौड़ें आयोजित की जाने लगी हैं. गढ़वाल के पौड़ी जिले में हाल ही में हुई मैराथन इस बात का सुबूत है कि यह बढ़िया ट्रेंड धीरे-धीरे हमारे पहाड़ों में भी पसारने लगा गई. नैनीताल में तो यह मैराथन पिछले कुछ सालों से नियमित रूप से आयोजित की ही जा रही है.

इस बात का सुबूत है कि यह बढ़िया ट्रेंड धीरे-धीरे हमारे पहाड़ों में भी पसारने लगा गई. नैनीताल में तो यह मैराथन पिछले कुछ सालों से नियमित रूप से आयोजित की ही जा रही है.

नैनीताल समेत पूरे पहाड़ में इस मुहिम को स्थापित करने का श्रेय अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के धावक हरीश तिवारी की पहल पर संभव हुआ है. हरीश तिवारी ‘रन टू लिव’ नाम की एक संस्था चलाते हैं जिसमें उनके साथ युवा लोगों की एक पूरी टीम जुडी हुई है.

डॉ. कपिल गौड़ की दिली इच्छा थी कि मासी जैसी जगह में भी ऐसी गतिविधियाँ होनी चाहिए. इसके लिए आवश्यक साहस जुटा कर उन्होंने इस साल मैराथन दौड़ आयोजित करवाने की ठानी.

इस मुश्किल लगने वाले कार्य में उनकी मदद के लिए नैनीताल से हरीश तिवारी और ‘रन टू लिव’ की उनकी पूरी टीम ने मासी पहुँच कर अपने जज्बे का परिचय दिया.

चौखुटिया से 12 किलोमीटर पहले स्थित इस छोटी सी जगह पर मैराथन जैसे आयोजन की बात सोचना ही बहुत दिलेरी का काम था. लेकिन अपने बुलंद हौसले और अथक प्रयासों से डॉ. कपिल गौड़ इस काम को अंजाम दे सके.

इस मौके पर उत्तराखंड के दो गौरव – महान पर्यावरणविद जगत सिंह चौधरी ‘जंगली’ और एवरेस्ट विजेता शीतल राज जैसे सितारों की उपस्थिति ने चार चाँद लगा दिए.

पहाड़ में ऐसे आयोजनों से बहुत उम्मीद बंधती है. इस के लिए कपिल गौड़ को खूब सारी बधाई देना बनता है.

इस मौके पर हमारे फोटोग्राफर साथी अमित साह भी भागीदार बने. उन्होंने अपने कैमरे से इस आयोजन की कुछ शानदार तस्वीरें कैद कीं. देखिये.

पर्यावरणविद जगत सिंह चौधरी के साथ डॉ. कपिल गौड़
एवरेस्ट विजेता शीतल का संबोधन
दाएं ‘रन टू लिव’ के हरीश तिवारी
अमित साह, शीतल राज और हरीश तिवारी
जगत सिंह चौधरी ‘जंगली’ का सम्बोधन

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