व्यक्तित्व

रामगढ़ की आयरन लेडी कमला नेगी

रामगढ़ ब्लॉक के ओड़ाखान गांव निवासी कमला नेगी को लोग “टायर डॉक्टर” के नाम से भी जानते हैं. जाने भी क्यों न भला, कमला 54 वर्ष की उम्र में भी बड़ी आसानी से छोटे बड़े वाहनों सहित जेसीबी के टायर पंक्चर अकेले जोड़ देती हैं. दुपहिया वाहनों की सर्विसिंग भी ऐसी की हर कोई उनसे ही अपने वाहनों की सर्विसिंग करवाना चाहता है. (Kamla Lady Mechanic of Ramgarh)

हर समय मदद को तैयार कमला उन पर्यटकों के लिए भी देवी के समान ही हैं जिनका टायर पंक्चर हो जाता है या अन्य किसी समस्या के कारण ब्रेक डाउन. दिन हो या रात किसी को भी परेशानी न हो इसलिए कमला ने दुकान के बाहर ही अपना नम्बर चस्पा कर दिया है. लोग उन्हें फ़ोन करते हैं और वह तुरंत अपने पति के साथ मदद को दुकान में हाजिर हो जाती हैं, भले ही रात हो गयी हो या फिर बाहर बर्फ ही क्यों न पड़ रही हो.

कमला लगभग 13 साल से गाड़ियों की सर्विसिंग व पंचर जोड़ने का कार्य करती आ रही हैं पति हयात सिंह नेगी से काम सीखने की जिद से शुरू हुआ ये सफर आज समाज में उनकी अलग पहचान बना चुका है. वह 54 वर्ष की हैं मगर उनकी काम करने की सामर्थ्य, फुर्ती और जज्बे के सभी मुरीद है.

कमला के दो बच्चे हैं पुत्र देश सेवा के लिए सीमा सुरक्षा बल में तैनात है तो पुत्री के हाथ पीले कर दिए हैं.

कमला बताती हैं कि वे अब तक मोटरसाइकिल, स्कूटर, ट्रक, बस, साइकिल यहां तक कि जेसीबी के पंचर जोड़ चुकी हैं और कार, बाइक की सर्विसिंग भी कर लेती हैं.

कमला को तमाम संस्थाओं की ओर से इस कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं. उनका मानना है की मेहनत, लगन और दिल से जो काम किया जाए तो सफलता झक मार के पीछे दौड़ी चली आती है. विश्व रेडियो दिवस पर कुमाऊं के पहले सामुदायिक रेडियो की कहानी

कमला एक एनजीओ में भी कार्य कर रही हैं और अध्यक्षा का दायित्व निभा रही हैं. लेकिन उनका कहना है कि असली मजा तो गाड़ियों के साथ वक़्त बिताने में ही आता है. रोजाना सर्विसिंग, पंक्चर जोड़ने के थकान भरे काम के बाद घर के कामकाज व प्रबंधन को देखते हुए उनके पति हयात उनकी तारीफ करते नहीं थकते. हयात कमला का हौसला बढ़ाते हुए कहते हैं — मेरी पत्नी किसी आयरन लेडी से कम है क्या!

हल्द्वानी में रहने वाले भूपेश कन्नौजिया बेहतरीन फोटोग्राफर और तेजतर्रार पत्रकार के तौर पर जाने जाते हैं.

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Sudhir Kumar

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