Featured

गंगोत्री धाम के गर्भगृह से देखिये हिन्दुस्तान पाकिस्तान क्रिकेट मैच का सीधा प्रसारण

विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के मैच को जैसे वर्ल्ड वार की तरह पेश किया जा रहा था उससे लगा था कि अब इससे केवल देवता ही बचा सकते हैं. लेकिन हिन्दुस्तान-पाकिस्तान के मैच के क्रेज से अबकी भगवान भी न छूटे.

जमीन छोड़िये समुद्र तल से 3042 मीटर की ऊँचाई पर स्थित गंगोत्री धाम इस मैच के क्रेज से अछूता न रहा. क्या आप कल्पना कर सकते हैं इस ऊंचाई पर आपको शानदार एलईडी टीवी में मंदिर प्रांगण में क्रिकेट मैच देखने को मिलेगा?

ऐसा कर दिखाया है गंगोत्री धाम मंदिर कमेटी ने. भक्तों को गंगा के दर्शन के साथ भारत पाकिस्तान के लाइव मैच के भी दर्शन. आपको मंदिर प्रांगण से पांच मीटर की दूरी पर जाने की भी जरुरत नहीं है. गंगोत्री धाम के गर्भगृह से पांच कदम की दूरी पर आप देख सकते हैं भारत पाकिस्तान का लाइव क्रिकेट मैच.

आप मैच की कमेंट्री सुनना चाहे या न सुनना चाहें लेकिन आपको भारत पाकिस्तान के मुकाबले की लाइव कमेंट्री सुननी पड़ेगी क्योंकि मंदिर प्रबंधन कमेटी ने मंदिर में भजन इत्यादि के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले सभी स्पीकर में लाइव कमेंट्री का इन्तजाम किया है.

इसके ऊपर आप जिंदाबाद-मुर्दाबाद जैसे नारे लगाने के लिए भी आजाद हैं सीटी बजाने से लेकर हो-हल्ला करने की भरपूर आजादी मंदिर प्रशासन कमेटी आपको देती है.

गंगोत्री धाम प्रांगण में यह लाइव मैच देखने में केवल आम भक्त ही शामिल नहीं हैं बल्कि इसमें मंदिर के कई पुजारी भी रस लेते नज़र आ रहे हैं.

ऐसा नहीं है कि गंगोत्री धाम के आस-पास कोई होटल वगैरा नहीं है. गंगोत्री धाम के आस-पास बहुत से होटल हैं जहां सबमें भारत-पाकिस्तान का मैच ही चल रहा है फिर मंदिर कमेटी को मंदिर प्रांगण में यह व्यवस्था करने की आवश्यकता क्यों पड़ी. यह वीडियो में देखिये :

इस वीडियो में आप टीवी पर स्टार प्लस के किसी सीरियल का विज्ञापन देख सकते हैं और पीछे सीटियों की आवाज सुन सकते हैं. ध्यान से देखेंगे तो टीवी के पीछे एक मंदिर भी है. इस मंदिर में आप अभी भारत पाकिस्तान के मैच के कारण नहीं जा सकते.

अब देखिये दूसरा वीडियो :

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि जहां यह टीवी लगा है उसके और मंदिर गर्भगृह के बीच पांच कदम का फ़ासला नहीं है. इसके अलावा मंदिर प्रांगण में मौजूद सभी लोग टीवी से चिपके हैं बाकि मंदिर प्रांगण खाली है.

– सुधीर कुमार की रपट

वाट्सएप में पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

बागेश्वर के बाघनाथ मंदिर की कथा

जब नन्दा देवी ने बागनाथ देव को मछली पकड़ने वाले जाल में पानी लाने को कहा

औली में शादी कीजिये और बद्री-केदार के प्रांगणों में डिस्को

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…

9 hours ago

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

5 days ago

अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…

1 week ago

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की…

1 week ago

सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन

पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज

1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि…

2 weeks ago