हैडलाइन्स

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2018 शुरू

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सी. आर. चौधरी ने 14 नवम्बर को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) 2018 का उद्घाटन किया. 38वें भारत व्यापार संवर्धन संगठन (इटपो) द्वारा आयोजित यह महत्वपूर्ण मेला 14 से 27 नवम्बर 2018 तक चलेगा.

व्यापार मेले की विषयवस्तु ग्रामीण उद्यम का हवाला देते हुए राज्य मंत्री सी. आर. चौधरी ने कहा कि 40 प्रतिशत निर्माता, ग्रामीण क्षेत्रों के एमएसएमई सेक्टर से आते हैं और उनका ध्यान रखना आवश्यक है.

इस वर्ष के आईआईटीएफ का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दौरान महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की शुरूआत हो रही है. मेले का ‘थीम-पैवेलियन’ ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तैयार किया है. मेले में मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसी सरकार की विभिन्न पहलों को भी पेश किया गया है.

इस बार साझीदार देश अफगानिस्तान और फोकस देश नेपाल है झारखण्ड फोकस राज्य है.

राज्यों, सरकारी विभागों, भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों के लगभग 800  प्रतिभागी मेले में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें ग्रामीण दस्तकार, शिल्पकार और एमएमई उद्यमी बड़ी संख्या में शामिल हैं. अफगानिस्तान, चीन, हांगकांग, किरगिजस्तान, ईरान, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड, तुर्की, ट्यूनीशिया, वियतनाम और संयुक्त अरब अमीरात ने मेले में हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण कराया है.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

2 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

3 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago